आइजोल, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। तीन साल के अंतराल के बाद मिजोरम का तीन दिवसीय एंथुरियम फेस्टिवल गुरुवार से शुरू हो गया। ममित जिले के ऐलावंग और रेइक गांवों में आयोजित हो रहे इस महोत्सव में बागवानी, रोमांच, आदिवासी संस्कृति, संगीत और स्थानीय पर्यटन को एक साथ प्रस्तुत किया जा रहा है।
मिजोरम पर्यटन विभाग ने बागवानी विभाग के सहयोग से 1 से 3 अक्टूबर तक इस महोत्सव का आयोजन किया है। इसका उद्देश्य राज्य में एंथुरियम की खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ मिजोरम के पहाड़ी परिदृश्य, सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक खेल, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।
पर्यटन मंत्री लालंघिंगलोवा हमार ने कहा कि एंथुरियम फेस्टिवल की वापसी राज्य सरकार की उस व्यापक सोच को दर्शाती है, जिसके तहत पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ यह सुनिश्चित करना है कि स्थानीय समुदायों को भी पर्यटन क्षेत्र की वृद्धि का लाभ मिले।
उन्होंने कहा, “पर्यटन से केवल पर्यटन स्थलों को ही लाभ नहीं मिलना चाहिए, बल्कि उन लोगों के लिए भी मूल्य और अवसर पैदा होने चाहिए, जो इन स्थानों को विशेष बनाते हैं। एंथुरियम फेस्टिवल हमारी बागवानी, प्राकृतिक परिदृश्य, संस्कृति और समुदायों को एक अनुभव में जोड़ता है, लेकिन इसका बड़ा उद्देश्य स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।”
मंत्री ने कहा कि गांवों की यात्रा करने वाले पर्यटक स्थानीय परिवहन का इस्तेमाल करें, स्थानीय भोजन का आनंद लें, स्थानीय कारोबारियों से उत्पाद खरीदें और स्थानीय परंपराओं को करीब से देखें, तो इससे पर्यटन का लाभ समाज के अधिक से अधिक वर्गों तक पहुंच सकेगा।
उन्होंने कहा कि मिजोरम के पर्यटन विकास की जड़ें स्थानीय लोगों से जुड़ी रहें और राज्य के अनूठे अनुभवों को राष्ट्रीय तथा वैश्विक मंच मिले। उन्होंने कहा कि एंथुरियम राज्य के पहाड़ों, प्राकृतिक दृश्यों और समुदायों की व्यापक यात्रा का प्रवेश द्वार है।
उद्घाटन कार्यक्रम में बागवानी मंत्री सी. लालसाविवुंगा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
एंथुरियम फेस्टिवल की पहचान स्थानीय समुदायों के बीच एंथुरियम की खेती के विस्तार से जुड़ी है। इसमें जो एंथुरियम ग्रोअर्स सोसाइटी से जुड़े महिला नेतृत्व वाले खेती अभियान की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। एंथुरियम अब मिजोरम की प्रमुख बागवानी फसलों में शामिल हो चुका है और यहां के किसान देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा अन्य बाजारों में भी इसके फूल भेजते हैं।
महोत्सव में फूलों की प्रदर्शनी, नर्सरी भ्रमण और गार्डन अनुभवों के साथ पर्यटकों को कई पर्यटन स्थलों को देखने का अवसर मिलेगा। इनमें नगाई त्लांग, ऐलावंग त्लांग और रेइक त्लांग प्रमुख हैं।
कार्यक्रम में रेइक त्लांग सनराइज ट्रेक और ख्वांगचेरा पुक, थावंगपावंगा पुक तथा नगाइतेई पुक की गुफाओं की खोज जैसी साहसिक गतिविधियां भी शामिल हैं।
पर्यटक रोज गार्डन, रेइक हेरिटेज विलेज और आसपास के गांवों में जाकर पारंपरिक मिजो घरों, सामुदायिक जीवन और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव भी कर सकेंगे।
महोत्सव में पारंपरिक मिजो खेलों और प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। इनमें इंसुकनावर, इनबुआन, कालचेत और इंसैह्रुइपावह के अलावा शूटिंग प्रतियोगिताएं और बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियां शामिल हैं। चेयरॉ और अन्य लोकनृत्य प्रस्तुतियों, पारंपरिक संगीत, पारंपरिक फैशन शो, स्थानीय व्यंजन तथा हथकरघा और हस्तशिल्प की प्रदर्शनियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
2 अक्टूबर को ‘लेइकापुई नाइट’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मिजो कलाकार पुराने लोकप्रिय गीत प्रस्तुत करेंगे। वहीं, 3 अक्टूबर को प्रमुख कलाकारों की प्रस्तुति के साथ भव्य समापन समारोह आयोजित होगा।
अधिकारियों के अनुसार, महोत्सव से ऐलावंग और रेइक के स्थानीय परिवहन संचालकों, दुकानदारों, भोजनालयों, होमस्टे संचालकों, गाइडों, कारीगरों और फूल उत्पादकों के लिए आर्थिक अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।
महोत्सव की तैयारियों में विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ यंग मिजो एसोसिएशन, रेइक और ऐलावंग के सामुदायिक नेता, जो एंथुरियम ग्रोअर सोसाइटी तथा मिजो इंडिजिनस गेम्स की आयोजन टीम शामिल रही।
एंथुरियम फेस्टिवल मिजोरम के वर्ष 2026 के व्यापक पर्यटन और महोत्सव कैलेंडर का हिस्सा है। इसके जरिए राज्य की बागवानी, संगीत, संस्कृति, स्थानीय व्यंजन, साहसिक गतिविधियों और समुदाय आधारित पर्यटन को प्रदर्शित किया जा रहा है।
एंथुरियम फेस्टिवल 2026 का आयोजन पश्चिमी मिजोरम के ममित जिले के ऐलावंग और रेइक गांवों में 3 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
