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मध्य प्रदेश सरकार ने 15 नवंबर तक 20 लाख ग्रामीण संपत्तियों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा

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भोपाल, 5 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में ग्रामीण संपत्तियों के 17.09 लाख से अधिक पंजीकरण पूरे हो चुके हैं और 15 नवंबर तक 20 लाख पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव मुरैना जिले में एक विशेष पंजीकरण अभियान में शामिल होंगे।

धनतेरस के मौके पर आयोजित किए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य राज्य भर के चुनिंदा गांवों में पात्र संपत्तियों का 100 प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करना है।

पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि लाभार्थियों को उनके स्वामित्व के दस्तावेज मिलें, मंत्री, सांसद और विधायक इस अभियान में हिस्सा लेंगे।

गुरुवार देर रात उनके कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, यादव मुरैना के करुआ गांव में आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के साथ शामिल होंगे।

इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनके घरों और गांव के रिहायशी इलाकों में मौजूद अन्य संपत्तियों का औपचारिक पंजीकरण कराकर उन्हें कानूनी स्वामित्व अधिकार प्रदान करना है।

इस योजना के तहत, ग्रामीण रिहायशी इलाकों में संपत्तियों का सर्वेक्षण किया जाता है और पात्र लाभार्थियों को उनके अधिकारों के रिकॉर्ड और स्वामित्व के दस्तावेज दिए जाते हैं।

सरकार को उम्मीद है कि इस औपचारिक पंजीकरण से परिवारों को कानूनी स्वामित्व साबित करने में मदद मिलेगी, जिससे वे बैंक लोन और अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए, यादव ने कहा कि केवल घर या प्लॉट होना ही काफी नहीं है, जब तक कि उसके स्वामित्व के लिए वैध और स्थायी दस्तावेज न हों।

उन्होंने कहा, “प्लॉट या घर होने के साथ-साथ, संपत्ति के लिए वैध और स्थायी राजस्व दस्तावेज होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।”

मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि राज्य भर के चुनिंदा गांवों में पात्र संपत्तियों का 100 प्रतिशत पंजीकरण पूरा करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जाएगा।

उम्मीद है कि इस पहल से ग्रामीण संपत्ति रिकॉर्ड मजबूत होंगे, परिवारों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी और उनके लिए अपनी संपत्तियों को वित्तीय संपत्ति (एसेट) के रूप में इस्तेमाल करना आसान हो जाएगा।