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मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, राज्य सरकार का कलेक्टरों को हाई अलर्ट रहने का निर्देश

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भोपाल, 4 सितंबर (आईएएनएस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल स्थित केंद्र ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ-साथ मध्यम दर्जे की आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की।

इन जिलों में श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, ग्वालियर, गुना और अशोक नगर शामिल हैं। आगर मालवा, शाजापुर, राजगढ़, उज्जैन, महाकालेश्वर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, निवाड़ी, टीकमगढ़, देवास और इंदौर जिलों में हल्की आंधी और बिजली के साथ मध्यम बारिश की संभावना है।

इन इलाकों में बारिश की तीव्रता 5-15 मिमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है, साथ ही बादलों से जमीन पर बिजली गिरने की संभावना 30-60 प्रतिशत है।

सीहोर, विदिशा, भोपाल, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, अलीराजपुर, झाबुआ, बैतूल, सिंगरौली, सीधी और छतरपुर जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, जिसमें बारिश की तीव्रता 5 मिमी प्रति घंटा से कम और बिजली गिरने की संभावना 30 प्रतिशत से कम रहेगी।

आईएमडी ने चेतावनी दी है कि बहुत भारी बारिश के कारण जलजमाव, यातायात में रुकावट, कमजोर ढांचों को नुकसान और बिजली आपूर्ति व संचार नेटवर्क पर अस्थायी असर पड़ सकता है। भारी बारिश वाले इलाकों में भी इसी तरह की रुकावटें कम स्तर पर हो सकती हैं।

अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे पानी भरे रास्तों से यात्रा करने से बचें, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और आंधी के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के कई जिलों के लिए जारी भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सभी जिला कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।

उन्होंने पहले से तैयारी करने पर जोर दिया और जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वे जरूरी संसाधन जुटाएं, कर्मचारियों को तैनात करें और संभावित बारिश से पैदा होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से शुक्रवार और शनिवार को, और खासकर राज्य के उत्तरी हिस्सों में, ज्‍यादा सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने और जनहित में बिना किसी देरी के सभी जरूरी एहतियाती उपाय करने का निर्देश दिया।