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महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव: महाविकास अघाड़ी ने 3 स्नातक सीटें जीतीं, महायुति को 2 सीट पर मिली सफलता

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मुंबई, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) के अहम चुनावों में विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) और सत्ताधारी महायुति गठबंधन दोनों को मिली-जुली सफलता मिली है। जहां एमवीए ने तीनों स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल कर अपना पूर्ण दबदबा कायम किया। वहीं, सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने दोनों शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज कर वापसी की। 45 घंटे तक चली मतगणना के बाद गुरुवार तड़के चुनाव के अंतिम परिणाम घोषित किए गए।

विपक्षी गठबंधन ने नागपुर, पुणे और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में स्नातक (ग्रेजुएट) निर्वाचन क्षेत्रों में शानदार जीत हासिल करके सत्ताधारी गठबंधन को बड़ा झटका दिया है।

काफी चर्चा में रहे इस मुकाबले में कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी ने नागपुर स्नातक सीट पर अपनी जीत बरकरार रखी। दूसरे वरीयता के वोटों की गिनती के दौरान आए निर्णायक बदलाव के बाद उन्होंने भाजपा के सुधाकर कोहाले को हराया।

पुणे स्नातक सीट पर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव ने भाजपा की स्मिता जाधव को 9,928 वोटों के अंतर से हराया। यह जीत 44 राउंड तक चली लंबी और कठिन प्रक्रिया के बाद मिली।

छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट सीट पर एनसीपी (एसपी) के उम्मीदवार डॉ. प्रतापसिंह पाटिल ने औरंगाबाद डिवीजन की ग्रेजुएट सीट जीत ली। उन्होंने मौजूदा एमएलसी सतीश चव्हाण (अजित पवार गुट वाली एनसीपी) के 18 साल के दबदबे को खत्म करते हुए 13,000 से अधिक वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मिली हार के बावजूद सत्ताधारी ‘महायुति’ ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाए रखी और जीत हासिल की। ​​पुणे शिक्षक सीट पर भाजपा के कौस्तुभ गावड़े (30) विजयी रहे। उन्होंने शिंदे-सेना समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सचिन साने को हराकर 18 साल बाद इस सीट पर भाजपा की वापसी कराई। इसके साथ ही वे इन चुनावों में सबसे कम उम्र के विजेताओं में से एक बन गए हैं।

अमरावती शिक्षक सीट पर शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के उम्मीदवार किरण सरनाइक विजयी रहे। 32 घंटे तक चली लंबी मतगणना के बाद उन्होंने अंतिम राउंड में एमवीए समर्थित प्रोफेसर अदिति पोहारे को पीछे छोड़ते हुए गठबंधन के लिए यह सीट बरकरार रखी।

ये नतीजे राज्य के पेशेवर मतदाताओं के बीच बंटे हुए जनादेश को दर्शाते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि जहां ग्रेजुएट मतदाता विपक्ष की ओर झुके, जिसके पीछे रोजगार, उच्च शिक्षा और आर्थिक मुद्दों से जुड़ी चिंताएं थीं, वहीं शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सत्ताधारी ‘महायुति’ गठबंधन द्वारा दी गई स्थिरता और प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी।

नागपुर स्नातक सीट पर भाजपा को बड़ा झटका लगा है क्योंकि कड़े मुकाबले के बाद कांग्रेस ने इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। कई उतार-चढ़ाव से भरी 45 घंटे लंबी मतगणना के बाद महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए गए।