भुवनेश्वर, 18 सितंबर (आईएएनएस)। बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने शुक्रवार को 2,000 रुपए से अधिक के कुछ यूपीआई लेनदेन पर हाल ही में घोषित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस मामले में आम लोगों और दुकानदारों जैसे छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए।
नवीन पटनायक ने भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए यह बात कही। उनसे यूपीआई लेनदेन पर शुल्क को लेकर चल रहे विवाद के बारे में सवाल पूछा गया था।
इससे पहले ओडिशा कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की थी। कांग्रेस ने यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर की तुलना ऐतिहासिक ‘जजिया कर’ से की।
गुरुवार को कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनाली साहू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार पिछले 12 वर्षों से गरीबों, मजदूरों और कामकाजी वर्ग से अलग-अलग तरीकों से पैसा वसूलने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि महंगाई से पहले ही परेशान लोगों पर 2,000 रुपS से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाना उनकी मुश्किलें और बढ़ाने जैसा है।
सोनाली साहू ने दावा किया कि यूपीआई व्यवस्था से गूगल पे, पेटीएम, अमेजन, वीजा कार्ड और एटीएम सेवाओं जैसी अमेरिकी कंपनियों के हित प्रभावित हो रहे थे। इसी कारण इन कंपनियों ने इस मुद्दे को यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के सामने उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार पर मुफ्त यूपीआई लेनदेन की व्यवस्था खत्म करने और 25 डॉलर से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लगाने का दबाव बनाया गया।
इस बीच, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने हाल ही में 0.4 प्रतिशत शुल्क की घोषणा की है।
इस मामले में भ्रम दूर करने के लिए वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्टीकरण जारी किया। मंत्रालय ने साफ किया कि यूपीआई की नई व्यवस्था का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले भुगतान (पी2पी) पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसे लेनदेन रकम चाहे कितनी भी हो, पूरी तरह मुफ्त बने रहेंगे।
इसके अलावा, व्यापारियों को किए जाने वाले 2,000 रुपए तक के भुगतान और छोटे व्यापारियों के लिए जीरो-एमडीआर व्यवस्था के तहत आने वाले लेनदेन भी मुफ्त रहेंगे।
इसका मतलब है कि व्यक्ति से व्यापारी को किए जाने वाले करीब 96 प्रतिशत यूपीआई लेनदेन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एमडीआर केवल 2,000 रुपए से अधिक के कुछ तय श्रेणी वाले व्यापारी लेनदेन पर लागू होगा।
