रायपुर/नारायणपुर (छत्तीसगढ़), 29 जुलाई (आईएएनएस)। सुरक्षा बलों ने धनोरा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत तोयापारा गांव में एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा बनाए गए एक स्मारक को ध्वस्त कर दिया।
यह कार्रवाई उन इलाकों में लगातार और सघन तलाशी अभियान का हिस्सा थी, जिन्हें हाल ही में नक्सली प्रभाव से मुक्त कराया गया है।
छत्तीसगढ़ पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की एक बटालियन की संयुक्त टीम ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
एक नक्सली संगठन द्वारा बनाए गए इस स्मारक का मकसद इलाके में अपना प्रभाव दिखाना और प्रोपेगैंडा (प्रचार) के साधन के तौर पर इसका इस्तेमाल करना था।
अधिकारियों ने बताया कि इलाके को सक्रिय नक्सलियों से मुक्त करा लिया गया है और सुरक्षा बल अब प्रतिबंधित संगठन के बचे-खुचे निशानों और प्रभाव को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
स्मारक को गिराने को नक्सली प्रोपेगैंडा के दृश्य निशानों को हटाने और सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
नारायणपुर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे जिले में लगातार नक्सल-विरोधी अभियान चला रही हैं।
इन प्रयासों का मकसद स्थायी शांति कायम करना, सुरक्षा बेहतर करना और कभी प्रभावित रहे गांवों में विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाना है।
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि ये अभियान व्यवस्थित तरीके से चलाए जा रहे हैं ताकि नक्सली गतिविधियों या विचारधारा के फिर से पनपने की कोई गुंजाइश न रहे।
स्थानीय निवासी सुरक्षा बलों का सहयोग कर रहे हैं और तलाशी अभियान के दौरान जानकारी और समर्थन दे रहे हैं।
नारायणपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नक्सली गतिविधियों से जुड़ी कोई भी जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या सुरक्षा बलों के साथ साझा करें।
पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मुखबिरों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसे उपायों और विकास कार्यों से ग्रामीणों में भरोसा बढ़ रहा है और इलाके में प्रशासन की मौजूदगी मजबूत हो रही है।
सुरक्षा बलों की लगातार तैनाती और नियमित तलाशी अभियान इस बात को दिखाते हैं कि राज्य इस इलाके को वामपंथी उग्रवाद के साये से हमेशा के लिए मुक्त कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
स्मारक को गिराना नारायणपुर जिले के नक्सल-मुक्त हुए इलाके में प्रशासनिक नियंत्रण का एक और स्पष्ट प्रमाण है।


