काठमांडू, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में सरकारी कर्मचारियों को अब हर 15 दिनों में सैलरी मिलेगी, जिससे महीने में एक बार वेतन मिलने की पुरानी परंपरा टूट जाएगी।
17 अप्रैल को वित्त मंत्री स्तर पर लिए गए फैसले के मुताबिक, सरकारी कर्मचारियों को अब पखवाड़े में (महीने में दो बार) वेतन दिया जाएगा। इस फैसले को लागू करने के लिए संबंधित सरकारी दफ्तरों के नाम पर एक सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है।
दुनिया के ज्यादातर देशों में ऐसा सिस्टम नहीं है। सरकारी कर्मचारियों को आमतौर पर महीने में एक बार ही सैलरी मिलती है। दक्षिण एशिया, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और मालदीव जैसे देशों में यही व्यवस्था है।
नेपाल सरकार के अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला अर्थव्यवस्था को थोड़ा गति देने के लिए लिया गया है। उनका मानना है कि अगर कर्मचारियों के हाथ में ज्यादा बार पैसा आएगा, तो खर्च भी बढ़ेगा और इससे बाजार में पैसों का प्रवाह बना रहेगा।
अभी यह साफ नहीं है कि इस फैसले को कब से लागू किया जाएगा।
फाइनेंशियल कंट्रोलर जनरल ऑफिस (एफसीजीओ) के प्रवक्ता दीपक लामिछाने ने कहा, “तकनीकी तौर पर हमारे लिए इसे लागू करने में कोई दिक्कत नहीं है। हम सिविल सर्विस, नेपाल आर्मी, पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और बाकी सरकारी कर्मचारियों को कभी भी सैलरी जारी कर सकते हैं।”
हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इसे लागू करने के लिए कानून में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि नेपाल के सिविल सर्विस एक्ट में सैलरी हर महीने देने का प्रावधान है।
कानून की धारा 28 के अनुसार, हर सरकारी कर्मचारी को हर महीने के अंत में वेतन और भत्ते दिए जाते हैं।
लामिछाने ने कहा, “शायद इस फैसले को जल्दी लागू करने के लिए कोई रास्ता निकाला जा सकता है।”
फिलहाल संसद सत्र नहीं चल रहा है, इसलिए सरकार अध्यादेश लाकर इस फैसले को तुरंत लागू कर सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि हम इस फैसले को लागू करने के तरीके पर चर्चा कर रहे हैं।

