पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने अधिकारियों को फिजूलखर्ची रोकने के निर्देश दिए

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कोलकाता, 11 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को सरकार के विभागीय सचिवों के साथ बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री राज्य के शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फिजूलखर्ची को सख्ती से समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित करें ताकि नई सरकार को विरासत में मिले नकदी की कमी से जूझ रहे खजाने पर दबाव कम हो सके।

उन्होंने विभागीय सचिवों को यह भी निर्देश दिया कि वे राज्य सरकार के किसी भी होर्डिंग, विज्ञापन या पट्टिका में ‘मुख्यमंत्री से प्रेरित’ नारे का उपयोग न करें, जो तृणमूल कांग्रेस शासित ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान एक प्रमुख नारा हुआ करता था।

बैठक में उपस्थित एक अधिकारी ने मुख्यमंत्री के हवाले से कहा कि मैं आप सभी से निःसंकोच अनुरोध करता हूं कि मुझे प्रसन्न करने की चिंता किए बिना स्वतंत्र रूप से कार्य करें। मुझे प्रसन्न करने के लिए कहीं भी ‘मुख्यमंत्री से प्रेरित’ लिखने की कोई आवश्यकता नहीं है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सरकारी धन, जो जनता का धन है, व्यर्थ न जाए। हमें इसे वहीं खर्च करना चाहिए जहां इसकी आवश्यकता है। लेकिन हमें अनावश्यक और फिजूलखर्ची को रोकना होगा। साथ ही, राज्य में केंद्र प्रायोजित योजनाओं को लागू करने का कार्य शुरू करें, जो अब तक लागू नहीं हुई हैं।

साथ ही, अधिकारी ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री अधिकारी ने विभागीय सचिवों को यह आश्वासन भी दिया कि नई सरकार पिछली सरकार के विपरीत, सरकारी तंत्र के कामकाज में अनावश्यक हस्तक्षेप या उसे प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगी। इसलिए, चिंता करने की कोई बात नहीं है। निडर होकर काम करें और राज्य के विकास के लिए काम करें।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि अधिकारी के निर्देश, विशेष रूप से ‘मुख्यमंत्री से प्रेरित’ टैगलाइन को हटाने के संबंध में उनकी उस पूर्व प्रतिबद्धता का विस्तार हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे सभी निर्णय अकेले लेने और उन्हें प्रशासन पर थोपने के बजाय सामूहिक नेतृत्व के माध्यम से राज्य प्रशासन का संचालन करेंगे।

इससे पहले दिन में पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने भी राज्य प्रशासन के कामकाज में पार्टी के हस्तक्षेप न करने का आश्वासन दिया।

भट्टाचार्य ने आज सुबह मीडियाकर्मियों से कहा, “राज्य सरकार अपने तरीके से काम करेगी। राज्य सरकार और पार्टी के बीच संबंध चुनाव पूर्व संकल्प पत्र में किए गए वादों के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करेंगे। नई सरकार ‘पश्चिम बंगाल सरकार’ होगी, न कि ‘भाजपा सरकार’। यही हमारा वादा है।”