वाशिंगटन, 8 नवंबर (आईएएनएस)। न्यूयॉर्क और कनाडा में दीपावाली के अवसर पर भारतीय और दक्षिण एशियाई समुदायों की सांस्कृतिक पहचान और योगदान को सम्मान दिया गया है। दोनों ने 8 नवंबर को आधिकारिक तौर पर दिवाली दिवस के रूप में मान्यता दी है। इस मौके पर दोनों देशों के नेताओं ने शुभकामनाएं देते हुए भारतीय समुदाय के साथ दिवाली का उत्सव मनाया।
न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने 26 अक्टूबर को एक उद्घोषणा पर हस्ताक्षर कर 8 नवंबर को ‘दिवाली- द फेस्टिवल ऑफ लाइट्स’ घोषित किया था। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने शनिवार को इस उद्घोषणा की तस्वीर साझा करते हुए भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को मान्यता देने के लिए गवर्नर का आभार जताया।
आधिकारिक ऐलान में दिवाली को हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध समुदायों द्वारा दुनिया भर में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण वार्षिक पर्व बताया गया है। इसमें न्यूयॉर्क के दक्षिण एशियाई और इंडो-कैरेबियाई समुदायों के नेतृत्व और नागरिक जीवन में उनके योगदान को भी सम्मान दिया गया है।
इसी तरह टोरंटो की मेयर ओलिविया चाउ ने नगर परिषद की ओर से 8 नवंबर को ‘दिवाली दिवस’ घोषित किया। इस घोषणा में शहर के दक्षिण एशियाई समुदायों के लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और नागरिक योगदान को मान्यता दी गई है। टोरंटो का आदर्श वाक्य है- ‘विविधता हमारी ताकत है’।
टोरंटो नवंबर को हिंदू विरासत माह के रूप में मना रहा है।
कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने शनिवार को कैलगरी में हिंदू और सिख समुदायों के साथ दिवाली और ‘बंदी छोड़ दिवस’ मनाया।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “अल्बर्टा के हिंदू और सिख समुदायों के इतने सारे दोस्तों के साथ प्रकाश, स्वतंत्रता और आशा के इन त्योहारों को मनाना शानदार रहा।” उन्होंने हिंदू सोसाइटी ऑफ कैलगरी और दशमेश कल्चर सेंटर कैलगरी का भी आभार जताया।
कनाडा के ट्रेजरी बोर्ड के अध्यक्ष और ब्रैम्पटन के सांसद शफकत अली ने शनिवार को विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ हिंदू सभा मंदिर जाने की जानकारी साझा की। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह दौरा कब हुआ था।
अली ने लिखा कि यह उत्सव प्रकाश, आशा, एकता और बुराई पर अच्छाई की जीत के स्थायी मूल्यों को दर्शाता है। उन्होंने समुदाय को एकजुट करने के लिए मंदिर का आभार जताया।
अनीता आनंद ने 28 अक्टूबर को अपने सहयोगी गैरी आनंदसांगरी के साथ कनाडा की संसद परिसर में दिवाली मनाई थी। उन्होंने अपने संदेश में पारिवारिक परंपराओं और सार्वजनिक जीवन में इन परंपराओं को मिल रहे सम्मान का उल्लेख किया था।
ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने दिवाली के अवसर पर सामुदायिक सेवा और जरूरतमंदों की मदद के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने 24 अक्टूबर को ट्रिलियम हेल्थ पार्टनर्स के समर्थन में आयोजित ट्रिलियम दिवाली गाला में शामिल होने की जानकारी साझा की थी।
अमेरिका में पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो ने शुक्रवार को दिवाली, तिहार और बंदी छोड़ दिवस मनाने वाले हिंदू, जैन और सिख समुदायों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ये उत्सव एकता, करुणा और स्वीकार्यता का संदेश देते हैं।
न्यूजर्सी के सांसद फ्रैंक पैलोन ने राज्य के हिंदू समुदाय के साथ अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें इस समुदाय के साथ खड़े होने और उत्सव में शामिल होने पर गर्व है। वहीं, विस्कॉन्सिन की सीनेटर टैमी बाल्डविन ने राज्य और देशभर में दिवाली मना रहे लोगों को शांति, आशा और खुशियों की शुभकामनाएं दीं।
नॉर्थ कैरोलिना के गवर्नर जोश स्टीन ने 25 सितंबर को जारी उद्घोषणा में 8 नवंबर को दिवाली दिवस और अक्टूबर को हिंदू विरासत माह घोषित किया था। इसमें राज्य की अर्थव्यवस्था, इतिहास और संस्कृति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को रेखांकित किया गया है।
वाशिंगटन के गवर्नर बॉब फर्ग्यूसन ने भी शुक्रवार को 8 नवंबर को दिवाली घोषित किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने भारतीय वाणिज्य दूतावास और राज्य की सीनेटर मनका ढींगरा के साथ विधान भवन में आयोजित दिवाली समारोह का भी उल्लेख किया।
वाशिंगटन के मोनरो शहर की मेयर पैट्सी कुडाबैक ने भी 8 नवंबर को ‘दिवाली- द फेस्टिवल ऑफ लाइट्स डे’ घोषित करते हुए लोगों से इस पर्व की सांस्कृतिक समृद्धि, सामुदायिक योगदान और मूल्यों को पहचानने की अपील की।
कनाडा के ब्रैम्पटन शहर के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने शनिवार को दिवाली की मिठाइयां खरीदने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने रे लॉसन बुलेवार्ड स्थित इंडिया टेस्ट दुकान से मिठाइयां खरीदने की तस्वीर साझा करते हुए अपने मित्र रणजीत सिंह के दिवाली आयोजन की सराहना की।
इस बीच, कैलगरी प्रशासन ने दिवाली और बंदी छोड़ दिवस की शुभकामनाओं के साथ पटाखों को लेकर सुरक्षा संबंधी सलाह भी जारी की। कैलगरी अग्निशमन विभाग के फायर मार्शल ग्लेन बैक्सटर ने लोगों को व्यक्तिगत रूप से पटाखे जलाने पर प्रतिबंध की याद दिलाई और सुरक्षित तरीके से दीये जलाने, सजावटी रोशनी करने तथा सामुदायिक आयोजनों में हिस्सा लेने की सलाह दी।
दिवाली हिंदू, सिख, जैन और कुछ बौद्ध समुदायों द्वारा मनाई जाती है। अलग-अलग समुदायों में इस पर्व की धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं अलग हो सकती हैं। हालांकि, दीप जलाना, मिठाइयां बांटना और परिवार तथा मित्रों के साथ मिलकर उत्सव मनाना इसकी प्रमुख परंपराओं में शामिल हैं।
