Tuesday, June 23, 2026
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पश्चिम बंगाल: एनआईए ने न्यायिक अधिकारियों से दुर्व्यवहार मामले में कई टीएमसी नेताओं को भेजा समन

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कोलकाता, 3 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) तृणमूल कांग्रेस के नेता से पूछताछ कर सकती है। एनआईए ने कई नेताओं को समन भेजा है और कालियाचक पुलिस थाने में पेश होने के लिए कहा है।

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि एनआईए ने मालदा जिले के मोथाबाड़ी में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) की प्रक्रिया में लगाए गए न्यायिक अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेताओं को पूछताछ के लिए तलब किया है।

अधिकारियों के अनुसार, एनआईए ने सुजापुर से तृणमूल उम्मीदवार सबीना यास्मीन के चुनाव एजेंट को भी तलब किया गया है। इसके अलावा, क्षेत्र के अन्य टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि सबीना के चुनाव एजेंट अब्दुल रहमान को शनिवार देर रात नोटिस मिला। वह मालदा जिला परिषद के वन और भूमि विभाग के अधीक्षक हैं। इसके अलावा, कालियाचक ब्लॉक-1 के तृणमूल अध्यक्ष मोहम्मद सरियुल को भी पुलिस स्टेशन में पेश होना होगा। अधिकारियों के अनुसार, उन्हें शाम तक कालियाचक पुलिस स्टेशन पहुंचने के लिए कहा गया है।

कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की ओर से नियुक्त न्यायिक अधिकारी एसआईआर के तहत विचाराधीन सूची में नामों को अंतिम रूप देने का काम कर रहे थे। पिछले महीने, मालदा के मोथाबाड़ी में उन्हें घेर लिया गया था और लगभग नौ घंटे तक ‘बंधक’ बनाकर रखा गया था। उन्हें देर रात तक कालियाचक-2 ब्लॉक कार्यालय के अंदर रखा गया था। उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने के भी आरोप हैं। यह भी आरोप है कि जिन लोगों के नाम एसआईआर सूची से हटा दिए गए थे, उनमें से एक वर्ग ने यह विरोध प्रदर्शन किया था।

चुनाव आयोग ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर इस घटना की जांच एनआईए को सौंप दी थी। हालांकि, उससे पहले राज्य पुलिस की सीआईडी ने मुख्य आरोपियों में से एक मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में दावा किया गया कि वह इस विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था।

इस घटना में अब तक कुल 52 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई आरोपी एनआईए की हिरासत में हैं, जबकि कुछ न्यायिक हिरासत में हैं। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि उस दिन की घटनाओं के बारे में आगे की पूछताछ के लिए इलाके के तृणमूल नेताओं को तलब किया गया है।