मुंबई, 7 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर को पार्टी का रणनीतिकार बनाए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
साथ ही, उन्हें उपमुख्यमंत्री और पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने राज्य नेतृत्व में किसी भी बदलाव के बारे में कोई सूचना नहीं दी है।
तटकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं पीके (प्रशांत किशोर) और सुनेत्रा पवार की मुलाकात पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मैं इस बारे में नहीं सोचता। आज मैं हमारी नेता सुनेत्रा पवार से मिला, जहां मुझे उनकी मुलाकात के बारे में बताया गया। मुझे नहीं लगता कि उस बैठक में किसी संगठनात्मक या राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा हुई थी।”
वे प्रशांत किशोर, सुनेत्रा पवार और उनके बेटे व राज्यसभा सांसद पार्थ पवार के बीच हुई छह घंटे लंबी मैराथन बैठक का जिक्र कर रहे थे। बैठक में पीके ने पार्टी की राज्य इकाई में संगठनात्मक बदलाव (जिसमें राज्य नेतृत्व में बदलाव भी शामिल है) की वकालत की।
पिछले दो महीनों में सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार के साथ प्रशांत किशोर की यह तीसरी बैठक उनके साथ भविष्य में राजनीतिक रणनीतिकार के तौर पर जुड़ने को पक्का करने के लिए भी थी।
हालांकि, तटकरे ने कहा कि उन्हें किशोर को पार्टी का रणनीतिकार बनाए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है और कहा कि अगर उन्हें आधिकारिक तौर पर नियुक्त किया गया होता, तो उन्हें पहले ही पता चल गया होता।
उन्होंने कहा, “मैंने व्यावहारिक राजनीति में 40 साल से ज्यादा समय बिताया है। मैं एक व्यावहारिक राजनेता हूं और जमीन पर, लोगों के बीच काम करता हूं। मैं थ्योरी (सिद्धांत) से ज्यादा प्रैक्टिकल (व्यावहारिक) चीजों पर ध्यान देता हूं। मैं किसी रणनीतिकार पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। कम से कम अपने निर्वाचन क्षेत्र में तो मैं रणनीतिकारों पर निर्भर नहीं रहता।”
तटकरे ने कहा कि उन्होंने वसंतदादा पाटिल, एआर अंतुले, विलासराव देशमुख और शरद पवार जैसे अनुभवी और वरिष्ठ राजनेताओं के साथ काम किया है।
उन्होंने कहा, “ये सभी नेता जमीनी स्तर की राजनीति से आए हैं। मैंने खुद कम से कम आठ बार पूरे राज्य का दौरा किया है, समय-समय पर अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं और तहसील-स्तर के नेता से यहां तक पहुंचा हूं। चुनाव हारने वाले किसी भी सूत्र (सोर्स) की तुलना में मेरी जड़ें ज्यादा मायने रखती हैं।”
हालांकि, उन्होंने कहा कि रणनीतिकारों की राजनीतिक पार्टियों में बड़े स्तर पर भूमिका हो सकती है। उन्होंने फिर कहा, “लेकिन मुझे नहीं लगता कि मेरी पार्टी ने अब तक उन्हें काम पर रखा है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सूत्रों की बातों पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
जब उनसे पूछा गया कि क्या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किशोर जैसे नेता को साथ लेने से नाराज होगी, जिन्होंने खुद भाजपा को हराया है। इस पर तटकरे ने कहा कि अगर किशोर को सच में उनकी पार्टी नियुक्त करती है, तो भाजपा की चिंताएं जायज हो सकती हैं।
इस बीच, कृषि मंत्री दत्तामामा भरणे ने दावा किया कि प्रशांत किशोर पार्टी के सलाहकार हैं और आने वाले दिनों में पार्टी को उनकी सलाह से फायदा होगा।

