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ओडिशा के सीएम ने छात्रों से पढ़ाई पर ध्यान देने और सोशल मीडिया से बचने का आग्रह किया

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भुवनेश्वर, 5 सितंबर (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को छात्रों से सोशल मीडिया पर कीमती समय बर्बाद किए बिना और किसी भी प्रकार की गलत सूचना के झांसे में आए बिना, अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री कटक स्थित सेकेंडरी बोर्ड हाई स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह में बोल रहे थे।

छात्रों से बातचीत के दौरान, माझी ने उन्हें अपने करियर के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने और भविष्य की संभावनाओं को बाधित करने वाली किसी भी चीज से बचने की सलाह दी।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के रूप में आपका सर्वोपरि कर्तव्य है कि आप लगन से पढ़ाई करें, कौशल प्राप्त करें और व्यक्तिगत एवं राष्ट्रीय विकास में योगदान दें। यही हमारी शिक्षा प्रणाली का मूल उद्देश्य है। इसलिए, ऐसी किसी भी चीज से दूर रहें जो आपके करियर के निर्माण में बाधा उत्पन्न कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और छात्रों के बीच संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में इन्हें और अधिक सौहार्दपूर्ण बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के आशीर्वाद से सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने की सलाह दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्रदान करने का माध्यम नहीं है। यह मानवीय चरित्र निर्माण की एक महान प्रक्रिया है, और शिक्षक इस महान जिम्मेदारी को निभाते आ रहे हैं।

शिक्षकों और छात्रों के बीच पवित्र बंधन के महत्व को समझाते हुए उन्होंने भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति में अद्वितीय है। माझी ने कहा कि भगवान राम और भगवान कृष्ण से लेकर चंद्रगुप्त मौर्य और स्वामी विवेकानंद तक, इन महान व्यक्तित्वों के जीवन को आकार देने में शिक्षकों की भूमिका निर्णायक रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के युग में भी, ‘मिसाइल मैन’ डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे महान व्यक्तित्व ने देश के सर्वोच्च पद पर रहते हुए भी स्वयं को सर्वोपरि शिक्षक के रूप में पहचानना अत्यंत गौरव की बात समझा।

‘किंडरगार्टन से स्नातकोत्तर’ तक की मुफ्त शिक्षा योजना के तहत किए गए सुधारों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ओडिशा भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने शिशु वाटिका से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक की शिक्षा को सार्वभौमिक रूप से मुफ्त कर दिया है। इसके अलावा, 12,000 करोड़ रुपए की लागत से 2,200 विश्व स्तरीय ‘गोदावरीश मिश्रा आदर्श प्राथमिक विद्यालय’ बनाए जा रहे हैं, जबकि पूर्व-विद्यालय के बच्चों के लिए 45,000 शिशु वाटिका केंद्र भी खोले गए हैं।

माझी ने कक्षा 9 और 10 के छात्रों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने, पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति करने, आदिवासी छात्रों के लिए ‘शहीद माधो सिंह हाथ खर्च योजना’ लागू करने और अगले तीन वर्षों में 45,000 शिक्षक पदों को भरने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों, छात्रों, पूर्व छात्रों और जनता के सामूहिक प्रयासों से एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर ओडिशा के निर्माण का आह्वान किया, जिसमें उनके ज्ञान, प्रतिभा, अनुभव और सहयोग का उपयोग किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षण में समर्पित सेवा और छात्रों के भविष्य को संवारने के लिए कई विशिष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया।