भुवनेश्वर, 26 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को परीक्षा सुधारों पर गठित उच्चस्तरीय कार्य बल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक पहल ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली का मार्ग प्रशस्त करेगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के छात्रों का भविष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वोपरि प्राथमिकता रही है।
माझी ने कहा कि नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में परीक्षा सुधारों पर गठित उच्चस्तरीय कार्य बल का गठन हमारी परीक्षा प्रणाली में योग्यता, निष्पक्षता और उत्कृष्टता की रक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री की घोषणा को ऐतिहासिक कदम बताते हुए मुख्यमंत्री मांझी ने आगे कहा कि यह ऐतिहासिक पहल लाखों छात्रों के विश्वास को मजबूत करेगी और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे विकसित भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक कार्य बल के गठन की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा कि कार्य बल की रिपोर्ट का उपयोग आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने में किया जाएगा।
आधार संख्या के सूत्रधार नंदन नीलेकणी को इस कार्य बल में शामिल करने का निर्णय केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कथित पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के आंदोलन के समाप्त होने के एक दिन बाद आया है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी के अलावा, इस कार्य बल में इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, सूचना एवं संचार सूचना विभाग के पूर्व निदेशक तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामाकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता कारवाल और रसद विशेषज्ञ अमृत लाल मीना शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह कार्य बल परीक्षा सुधारों पर ध्यान केंद्रित करेगा और इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाएंगे।

