Sunday, July 12, 2026
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परिसीमन की आड़ में पिछले दरवाजे से शासन करना चाहती है केंद्र सरकार: जम्मू-कश्मीर सीएम

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जम्मू, 12 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि परिसीमन की प्रक्रिया ‘पिछले दरवाजे से शासन’ करने के लिए की गई थी।

एक सभा को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर अपने वादों से मुकरने और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने राज्य का दर्जा बहाल होने का बहुत लंबा इंतजार किया है और अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजनीतिक नेताओं, संसद और सुप्रीम कोर्ट के इस आश्वासन के बावजूद कि राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाएगा। केंद्र ने बार-बार अपने वादे तोड़े हैं। लोगों ने केंद्र पर भरोसा किया था, लेकिन उन्हें अधूरे वादे ही मिले।

सीएम ने आरोप लगाते हुए कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के बजाय पिछले दरवाजे से शासन करने में मदद करने के लिए बनाई गई थी। भाजपा ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए देशभर में विपक्षी दलों को कमजोर करने और तोड़ने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने महाराष्ट्र में शिवसेना, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और पंजाब में आम आदमी पार्टी जैसे उदाहरण दिए।

जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की प्रक्रिया 2022 में पूरी हुई थी, जिसके बाद विधानसभा सीटों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो गई।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग केंद्र से कोई एहसान नहीं मांगा जा रहा है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों से किया गया वादा है। इस वादे का समर्थन लगभग उन सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने किया था, जिन्होंने 2024 का चुनाव लड़ा था।

सीएम अब्दुल्ला ने भाजपा को चुनौती भी दी कि वह अपने किसी ऐसे उम्मीदवार का नाम बताए जिसने 2024 के चुनाव में राज्य का दर्जा बहाल करने का विरोध करते हुए प्रचार किया हो।

उन्होंने भाजपा के वादे पूरे करने के रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी अक्सर दूसरों को उनके चुनावी वादों की याद दिलाती है, लेकिन उसे लोगों से किए गए अपने वादों की स्थिति भी बतानी चाहिए।

सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए अपना अभियान तेज कर दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले महीनों में यह मुद्दा उसके राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में रहेगा।

एनसी ने राज्य का दर्जा बहाल करने की अपनी मांग के समर्थन में राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।