कैपिटल हिल में पहलगाम हमले के पीड़ितों को याद किया गया

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वॉशिंगटन, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। कैपिटल हिल में पहलगाम आतंकी हमले की घटना को याद किया गया, जहां भारत ने इस घटना की पहली बरसी पर एक प्रमुख प्रदर्शनी का आयोजन किया, जिसमें अमेरिकी सांसदों और अधिकारियों ने भाग लिया।

यह प्रदर्शनी 22 अप्रैल को भारतीय दूतावास द्वारा कैनन कॉकस कक्ष में आयोजित की गई। इसमें पहलगाम, जम्मू-कश्मीर में हुए उस आतंकी हमले को याद किया गया, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी।

यह आयोजन कैपिटल हिल पर भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक था। इसमें अमेरिका की कांग्रेस के दोनों दलों के 19 सदस्य शामिल हुए, साथ ही 60 से अधिक कांग्रेस कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

इस कार्यक्रम में विदेशी मामलों, खुफिया, सशस्त्र सेवाएं, न्यायपालिका और होमलैंड सिक्योरिटी जैसी प्रमुख समितियों से जुड़े सांसदों की भागीदारी रही। इसके अलावा अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय मूल के लोग, छात्र, मीडिया प्रतिनिधि और थिंक टैंक से जुड़े लोग भी मौजूद थे।

प्रदर्शनी में इंटरैक्टिव डिस्प्ले, वीडियो और व्यक्तिगत अनुभवों को शामिल किया गया था, जिनके माध्यम से आतंकवाद के कारण व्यक्तियों, परिवारों और समाज पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों को दर्शाया गया।

यह आयोजन पीड़ितों और उनके परिवारों को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर संकल्प को मजबूत करने का भी प्रयास था।

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने अपने संबोधन में आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने कहा, “भारत किसी भी प्रकार के आतंक के आगे कभी नहीं झुकेगा,” और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को दोहराया।

अमेरिकी सांसदों ने भारत के प्रति मजबूत एकजुटता व्यक्त की और आतंकवाद से निपटने के लिए भारत-अमेरिका साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

दोनों दलों के सांसदों की भागीदारी ने आतंकवाद को लेकर साझा चिंता और समन्वित वैश्विक कार्रवाई की जरूरत पर व्यापक सहमति को दर्शाया।

भारतीय दूतावास ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए आतंकवाद के खिलाफ अधिक प्रभावी कदम उठाने का आह्वान भी है।

भारत लगातार वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदमों की मांग करता रहा है, जिसमें आतंक के वित्तपोषण और सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है। आतंकवाद-रोधी सहयोग भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है।