पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में पांच और नागरिकों का किया अपहरण

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केटा/इस्लामाबाद, 7 मई (आईएएनएस)। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने गुरुवार को बताया कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना द्वारा पांच और नागरिकों को जबरन लापता कर दिया गया।

ये हालिया घटनाएं प्रांत भर में जबरन गायब किए जाने और गैर-न्यायिक हत्याओं की बढ़ती पृष्ठभूमि में सामने आई हैं।

बलूच नेशनल मूवमेंट के ह्यूमन राइट्स डिपार्टमेंट, पांक ने बताया कि दो शिक्षकों, 45 वर्षीय अब्दुल हमीद और 36 वर्षीय नासिर अली का 5 मई को पंजगुर जिले के पारूम क्षेत्र से पाकिस्तान के फ्रंटियर कोर के कर्मियों द्वारा अपहरण कर लिया गया था।

मानवाधिकार संगठन ने कहा, “शिक्षकों को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है और बलूचिस्तान में मनमानी गिरफ्तारियों और मानवाधिकार उल्लंघनों के भयावह स्वरूप को दर्शाता है। नागरिकों, विशेषकर अपने समुदायों की सेवा करने वाले पेशेवरों का लगातार लापता होना भय पैदा करता है और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करता है।”

पांक ने बताया कि एक अन्य नागरिक, 27 वर्षीय अल्ताफ हुसैन बलूच, का अपहरण 2 मई को हब चौकी से पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी विभाग (सीटीडी) के कर्मियों द्वारा किया गया था।

इस घटना की निंदा करते हुए मानवाधिकार संगठन ने कहा, “ऐसे कृत्य मौलिक मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हैं और परिवारों को लंबे समय तक पीड़ा और अनिश्चितता में छोड़ देते हैं।”

एक अलग घटना में उसी दिन 40 वर्षीय जान खान और उनके 20 वर्षीय बेटे अब्दुल सत्तार को प्रांतीय राजधानी केटा में उनके घर से सीटीडी कर्मियों द्वारा अगवा कर लिया गया था।

पांक ने पाकिस्तानी अधिकारियों से लापता व्यक्तियों को तुरंत रिहा करने या उन्हें अदालत के समक्ष पेश करने का आह्वान किया। इसने जबरन गुमशुदगी को समाप्त करने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की अपील भी की।

बलूचिस्तान में नागरिकों के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रांतीय राजधानी केटा में बोलन मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के बाहर छात्रों द्वारा किया जा रहा धरना प्रदर्शन बुधवार को लगातार 15वें दिन में प्रवेश कर गया, जिसमें प्रदर्शनकारी खदीजा बलूच की रिहाई की मांग कर रहे हैं।

बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) के अनुसार, खदीजा को 21 अप्रैल को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा केटा में बीएमसी महिला छात्रावास से अगवा कर लिया गया और एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।

पाकिस्तानी अधिकारियों की निष्क्रियता पर चिंता व्यक्त करते हुए बीवाईसी ने कहा, “पिछले 15 दिनों से धरना प्रदर्शन जारी है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सार्थक प्रगति नहीं हुई है। इस लगातार उपेक्षा ने परिवार और प्रदर्शनकारियों की चिंताओं को और गहरा कर दिया है।”

बलूचिस्तान पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे लगातार अत्याचारों से जूझ रहा है, जिनमें अभूतपूर्व स्तर पर बलूच नागरिकों का जबरन गायब होना और गैर-न्यायिक हत्याएं शामिल हैं।