इंफाल, 4 जुलाई (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को राज्य की प्रगति और विकास के लिए स्थायी शांति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जातीय हिंसा से प्रभावित राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने का एकमात्र कारगर रास्ता संवाद ही है।
इंफाल में एक स्थानीय टेलीविजन चैनल के 5वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने दिन में पहले चुराचंदपुर की अपनी यात्रा का जिक्र किया और कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि जिले में जातीय संकट के चरम के दौरान देखी गई अशांति का असर अब नहीं है।
शांति के बिना विकास संभव नहीं है, इस बात पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुर के लोग लंबे समय से चले आ रहे संकट का अंत चाहते हैं और मिलकर आगे बढ़ना चाहते हैं।
हालांकि, उन्होंने कहा कि कुछ लोग मौजूदा अराजक स्थिति से लाभ उठा रहे हैं और इसलिए शांति बहाल नहीं होने देना चाहते।
सिंह ने जनता से आग्रह किया कि वे ऐसे स्वार्थी तत्वों को शांति बहाल करने और राज्य की प्रगति सुनिश्चित करने के सामूहिक प्रयासों को पटरी से उतारने न दें।
उन्होंने कहा कि शांति भंग करने वालों की जल्द ही पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संकट ने राज्य की अर्थव्यवस्था और सरकारी राजस्व संग्रह को बुरी तरह प्रभावित किया है।
उन्होंने आगे कहा कि इस संकट के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान युवा पीढ़ी, गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों को हुआ है।
सिंह ने बताया कि राज्य में अशांति के कारण छात्रों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस समारोह में विधायक खुमुकचम जॉयकिशन सिंह, सूचना एवं जनसंपर्क (आईपीआर) निदेशक चरणजीत सिंह और स्थानीय टेलीविजन चैनल के संपादक जीत निंगोम्बा भी उपस्थित थे।
उपस्थित लोगों में मीडियाकर्मी, नागरिक समाज के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और अन्य लोग शामिल थे।

