ओस्लो में प्रधानमंत्री मोदी से मिलीं डेनमार्क की पीएम, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

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ओस्लो, 19 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की।

बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी और मेटे फ्रेडरिक्सन के बीच इससे पहले सितंबर में पिछले साल टेलीफोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें दोनों ने ‘ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।

इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने ओस्लो में आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रॉस्टाडोटिर से भी मुलाकात की। इसके अलावा, उन्होंने फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो से भी बातचीत की, जो तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन से पहले हुई।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह शिखर सम्मेलन 2018 (स्टॉकहोम) और 2022 (कोपेनहेगन) में हुए पिछले सम्मेलनों की उपलब्धियों को आगे बढ़ाता है। इसका उद्देश्य भारत और नॉर्डिक देशों के बीच संबंधों को तकनीक, नवाचार, हरित ऊर्जा, सतत विकास, ब्लू इकोनॉमी, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक जैसे क्षेत्रों में और मजबूत बनाना है।

प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को अपनी पांच देशों की यात्रा के चौथे चरण में नॉर्वे पहुंचे थे। इस दौरान नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे ने उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया।

सोमवार को भी दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच व्यापक बातचीत हुई थी, जिसमें व्यापार, निवेश, हरित ऊर्जा, ब्लू और सर्कुलर इकोनॉमी, शिक्षा, विज्ञान-तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष और आर्कटिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

दोनों देशों ने भारत-नॉर्वे संबंधों को “ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के रूप में आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

इसके अलावा भारत-ईएफटीए व्यापार समझौते के तहत निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन के नए अवसरों पर भी चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने ओस्लो में भारत-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में भी हिस्सा लिया और आर्थिक सहयोग में बढ़ते अवसरों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम से भी रॉयल पैलेस में मुलाकात की। इस दौरान उन्हें नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट” से सम्मानित किया गया।