नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को नीति आयोग के नवनियुक्त नेतृत्व के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में नीतिगत पहलों की समीक्षा की जाएगी और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन को हासिल करने के लिए सरकार के रोडमैप पर चर्चा होगी। इस दौरान, 2027-28 के केंद्रीय बजट के लिए मुख्य प्राथमिकताओं को भी तय किया जा सकता है।
इस चर्चा में मुख्य रूप से घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और भारत की आर्थिक वृद्धि को तेज करने पर जोर दिए जाने की संभावना है। बैठक के दौरान नीति आयोग के प्रत्येक सदस्य की ओर से प्रेजेंटेशन दी जा सकती है, जिसमें सरकार के दीर्घकालिक विकास विजन के अनुरूप, प्रमुख कार्यों, नीतिगत पहलों और कार्यक्षेत्रों की रूपरेखा पेश की जाएगी।
बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अनुराग जैन और सदस्य राजीव गौबा, आर बालसुब्रमण्यम, जोरम अनिया, केवी राजू, एम श्रीनिवास, गोवर्धन दास और अभय करंदीकर के उपस्थित रह सकते हैं। सरकार के इस थिंक टैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस चर्चा के दौरान मौजूद रहेंगे।
यह बैठक काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकार अपने महत्वाकांक्षी ‘विकसित भारत @2047’ विजन की दिशा में काम कर रही है। इसका लक्ष्य भारत को उसकी आजादी की 100वीं वर्षगांठ तक एक ‘विकसित राष्ट्र’ में बदलना है। इससे पहले, 11 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की थी।
पिछली बैठक में ‘विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ विषय पर चर्चा हुई। इसमें सभी 28 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासक शामिल हुए थे। बैठक में केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ नेतृत्व ने भी हिस्सा लिया था।
बैठक में मानव विकास के कई अहम पहलुओं पर चर्चा की गई, जिनमें मानव पूंजी को मजबूत करना, भविष्य की जरूरतों के लिए कार्यबल को तैयार करने हेतु कौशल विकास करना, उत्पादक रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देना, स्वास्थ्य सेवा और समग्र कल्याण में सुधार करना और सभी नागरिकों के लिए समानता व सम्मान सुनिश्चित करना शामिल रहा।
