कोलकाता, 18 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले के दिन्हाटा क्षेत्र से पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस की गिरफ्त में आए शख्स पर जाली पहचान पत्रों का इस्तेमाल करते हुए कई वर्षों तक भारत में रहने का आरोप है।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान उमर फारूक ब्यापारी के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर कई वर्षों से दिन्हाटा-दो ब्लॉक के चौधरीहाट ग्राम पंचायत क्षेत्र में रह रहा था।
उस पर आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र सहित विभिन्न पहचान पत्र फर्जी तरीके से प्राप्त करने का आरोप है। उसने कथित तौर पर सरकारी रिकॉर्ड में एक भारतीय नागरिक को अपना पिता बताकर ये दस्तावेज हासिल किए थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए भारत में रह रहा था और सरकारी प्रपत्रों में व्यक्तिगत जानकारी गलत देकर उसने अपनी पहचान स्थापित करने में कामयाबी हासिल की थी।
यह मामला तब सामने आया जब आरोपी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के तहत जनगणना प्रपत्र भरकर अधिकारियों को सौंप दिया। इसके बाद स्थानीय ग्राम पंचायत ने जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दर्ज कराई और पिछले वर्ष 4 दिसंबर को स्थानीय पुलिस स्टेशन में भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस सूत्रों ने आगे बताया कि आरोपी पहले अंसार वाहिनी से जुड़ा हुआ था, जो बांग्लादेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार अर्धसैनिक सहायक बल है।
शिकायत के बाद पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया और कई महीनों से आरोपी की तलाश कर रही थी। आखिरकार उसे मंगलवार रात दिन्हाटा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के पुतिमारी इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, उमर कथित तौर पर लगभग 10 से 12 साल पहले अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था और तब से चौधरीहाट इलाके में रह रहा था।
बुधवार को अदालत में पेश किए जाने पर आरोपी ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि वह भारतीय नागरिक है और उसे झूठा फंसाया गया है।
उसने कहा, “मैं भारतीय नागरिक हूं। मेरा परिवार यहीं है। मैं एक समय तृणमूल का सदस्य था। अब नहीं हूं। इसीलिए मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है।”
गिरफ्तारी और आरोपी के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कूच बिहार जिले के तृणमूल कांग्रेस उपाध्यक्ष अब्दुल जलील अहमद ने कहा कि वह व्यक्ति पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं है।

