Wednesday, June 3, 2026
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बंगाल: भ्रष्टाचार और रंगदारी के आरोप में तृणमूल पार्षद सचिन सिंह गिरफ्तार

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कोलकाता, 2 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के तृणमूल कांग्रेस पार्षद सचिन सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन पर रंगदारी वसूली समेत कई गंभीर आरोप हैं।

लालबाजार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) के सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर नारकेलडांगा थाने की पुलिस सचिन सिंह को गिरफ्तार करने उनके आवास पहुंची। इस दौरान इलाके के कुछ लोगों ने उनके घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि पार्षद अपने विरोधियों को धमकाने और मारपीट करने जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुई कथित चुनावी हिंसा के मामलों में भी सचिन सिंह का नाम सामने आया था। उसी वर्ष उन्होंने पहली बार तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर कोलकाता नगर निगम का चुनाव जीता था।

गिरफ्तारी के बाद सचिन सिंह को रंगदारी वसूली से जुड़े मामले में सियालदह अदालत में पेश किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 23 मई को ठाकुरपुकुर पुलिस ने कोलकाता नगर निगम के वार्ड संख्या 123 के तृणमूल पार्षद और बरो संख्या 16 के चेयरमैन सुदीप पोल्ले को भी रंगदारी वसूली के एक मामले में गिरफ्तार किया था।

इसी दिन पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 87 के तृणमूल पार्षद तरुण चक्रवर्ती को भी सरकारी राहत सामग्री अपने घर में रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

पुलिस का दावा है कि गरीबों के बीच वितरित किए जाने वाले सरकारी राहत पैकेजों का बड़ा हिस्सा उनके घर से बरामद किया गया। मंगलवार को सभी राहत सामग्री जब्त कर ली गई।

जांच एजेंसियों के अनुसार, राहत सामग्री जमा करने के अलावा तरुण चक्रवर्ती पर अवैध बालू कारोबार, रंगदारी वसूली और गरीबों को आवास योजनाओं में आर्थिक सहायता दिलाने के नाम पर धन उगाही जैसे गंभीर आरोप भी हैं।

पुलिस का कहना है कि राज्य में भाजपा सरकार के गठन के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की कथित अवैध और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। कानून तोड़ने और भ्रष्टाचार के आरोपों में कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

पिछले एक महीने के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में भ्रष्टाचार, सरकारी सामग्री के दुरुपयोग और रंगदारी वसूली के आरोपों में कई तृणमूल पार्षदों को गिरफ्तार किया जा चुका है।