Sunday, May 31, 2026
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पुलिस ने तृणमूल विधायक मदन मित्रा के कमरहाटी स्थित घर की तलाशी ली, दस्तावेज जब्त किए

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कोलकाता, 31 मई (आईएएनएस)। पुलिस ने उत्तरी 24 परगना जिले के कमरहाटी इलाके में रविवार को तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा के घर पर तलाशी अभियान चलाया। बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के उपायुक्त (दक्षिण) द्युतिमान भट्टाचार्य ने इस तलाशी अभियान का नेतृत्व किया।

पुलिस जब रविवार दोपहर मदन मित्रा के घर पहुंची तो घर पर ताला लगा हुआ था और विधायक वहां मौजूद नहीं थे। हालांकि, पुलिस ने ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया। लगभग एक घंटे तक तलाशी लेने के बाद उन्होंने घर पर फिर से ताला लगा दिया और वहां से चले गए। जानकारी मिली है कि इस घर का नाम ‘उदय विला’ है।

कमरहाटी विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा का वहां एक पार्टी कार्यालय भी है। आरोप है कि जिस जमीन पर यह घर बना है, वह एक केंद्रीय एजेंसी की है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि एक केंद्रीय एजेंसी के स्वामित्व वाली जमीन पर यह ढांचा कैसे बनाया गया।

पुलिस के मुताबिक, दोपहर लगभग एक बजे पुलिस का एक बड़ा दस्ता ‘उदय विला’ परिसर में दाखिल हुआ। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मदन मित्रा कभी-कभार इस घर में आकर रहते हैं।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस संपत्ति के मालिक वही हैं या नहीं। पुलिस ने बताया कि एक घंटे तक चले तलाशी अभियान के दौरान कुछ दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

मदन मित्रा के करीबी सूत्रों के मुताबिक, वह इस समय दक्षिण कोलकाता स्थित अपने आवास पर हैं। रविवार शाम को तृणमूल कांग्रेस की एक बैठक ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर होनी है।

राजनीतिक गलियारों में इस बात पर पैनी नजर रखी जा रही है कि विधानसभा चुनाव जीतने वाले तृणमूल कांग्रेस के 80 विधायकों में से कितने विधायक इस बैठक में शामिल होंगे। सूत्रों ने दावा किया कि मदन मित्रा इसी बैठक में शामिल होने के लिए कोलकाता में मौजूद हैं।

राज्य में सरकार बदलने के बाद से, पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों ने शहर और उसके आसपास उन अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई शुरू कर दी है, जो तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान तेजी से पनपे थे।

आरोप है कि इनमें से अधिकांश अवैध निर्माण तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के समर्थन से, और प्रभावशाली पार्टी नेताओं के संरक्षण में प्रमोटरों या रियल एस्टेट डेवलपर्स द्वारा किए गए थे। कई इलाकों में ऐसे अवैध निर्माणों को ढहाने के लिए बुलडोजर चलाए गए हैं।