नई दिल्ली 5 मई (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। जिसमें आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने पर “अवैध” और “गैरकानूनी दलबदल” का मुद्दा उठाएंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इससे पहले मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उन्हें राष्ट्रपति भवन से पुष्टि मिल गई है और मंगलवार को “हम सात राज्यसभा सांसदों द्वारा अवैध और गैरकानूनी दलबदल का मुद्दा उठाने के लिए भारत के राष्ट्रपति से मिलेंगे।”
उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश का अपमान करने वाले ये सांसद किसी भी दया के पात्र नहीं हैं क्योंकि वे पंजाब और पंजाबियों के गद्दार हैं।
राज्यसभा के सात सांसद राघव चड्डा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता अप्रैल में आम आदमी पार्टी से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं, जिससे आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है क्योंकि उच्च सदन में उसकी संख्या 10 से घटकर मात्र 3 रह गई है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “जो लोग इस दलबदल को सामान्य बात या परंपरा बता रहे हैं, वे जनता के फैसले की घोर अवहेलना को उचित ठहरा रहे हैं। यह अस्वीकार्य है, और इस तरह की बातें करने वाले लोग अपनी निष्ठा बदलने की तैयारी में दिख रहे हैं।”
पंजाब सरकार की मजबूती की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि राज्य सरकार को “सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह पूर्ण विश्वास प्राप्त है, जिससे फ्लोर टेस्ट की कोई मांग अनावश्यक हो जाती है”।
उन्होंने आगे कहा, “बजट सुचारू रूप से पारित हो गया है, और हर छोटा या बड़ा विधेयक सदन में सफलतापूर्वक पारित हो गया है, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार सदन में पूर्ण बहुमत में है।”
अपने आलोचकों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा, “विधानसभा सत्र बुलाने के औचित्य पर सवाल उठाने वालों को पहले केंद्र सरकार द्वारा पूरी की गई गारंटियों का जवाब देना होगा, उसके बाद ही वे हमारे बारे में सवाल उठा सकते हैं।”

