लुधियाना, 30 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने रविवार को लुधियाना में ‘पंजाब यूथ टाउन हॉल—जेनजी कनेक्ट’ में ‘शहीद भगत सिंह यूथ फैसिलिटेशन सेंटर’ का उद्घाटन किया।
इस कार्यक्रम में 2,000 से ज्यादा युवा शामिल हुए। यहां करियर, रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स और एंटरप्रेन्योरशिप पर तीन पैनल चर्चाएं हुईं। इसके बाद गवर्नर कटारिया और सांसद व सन फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी के साथ सवाल-जवाब का खुला सत्र हुआ।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम भी सुना। डॉ. साहनी ने बताया कि ‘शहीद भगत सिंह यूथ फैसिलिटेशन सेंटर’ एक ही जगह पर युवाओं के लिए 10 तरह की सेवाएं देगा। इनमें करियर काउंसलिंग और स्किल मैपिंग, एआई और भविष्य की स्किल्स की ट्रेनिंग, प्लेसमेंट में मदद, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, लोन और सरकारी योजनाओं तक पहुंच, वेलबीइंग काउंसलिंग और पब्लिक इम्पैक्ट डैशबोर्ड जैसी सेवाएं शामिल हैं।
लोगों को संबोधित करते हुए गवर्नर ने कहा कि मैं डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी के उस काम की बहुत तारीफ करता हूं जिसके जरिए वे जेनजी से जुड़ रहे हैं और युवाओं को स्किल्स सिखाकर व नौकरियां देकर उन्हें सशक्त बनाते हुए प्रधानमंत्री का संदेश सीधे उन तक पहुंचा रहे हैं।
डॉ. साहनी ने बताया कि सन फाउंडेशन पूरे पंजाब में स्किल सेंटर्स का एक नेटवर्क चलाता है। इसके जरिए 6,560 युवाओं को ट्रेनिंग दी गई है, 5,426 को नौकरी मिली है और 410 लोगों को अपना काम (सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट) शुरू करने में मदद मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि फाउंडेशन ने पंजाब में 12 नशा-मुक्ति और रिहैबिलिटेशन सेंटर्स को अपनाया है। यहां हर साल ठीक हो रहे 500 मरीजों को स्किल ट्रेनिंग दी जाती है, जिनमें से 1,000 से ज्यादा लोगों को नौकरी मिली है और 250 लोगों ने अपना काम शुरू किया है।
इन इवेंट्स के सेशन में हिस्सा लेने वालों को नौकरी के बदलते माहौल, इंडस्ट्री के हिसाब से जरूरी स्किल्स सीखने की अहमियत और एंटरप्रेन्योरशिप व स्टार्ट-अप्स से मिलने वाले नए मौकों के बारे में अहम जानकारी दी गई। बातचीत में इस बात पर भी जोर दिया गया कि तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी और काम की जगह की जरूरतों के हिसाब से युवाओं को लगातार अपनी स्किल्स को बेहतर बनाते रहना चाहिए।
स्पीकर्स ने हिस्सा लेने वालों को अपनी खूबियों को पहचानने, करियर के नए रास्ते तलाशने और एंटरप्रेन्योर वाली सोच विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
