वॉशिंगटन, 4 जून (आईएएनएस)। अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया अब सिर्फ कूटनीतिक बातचीत तक सीमित नहीं रह रहे हैं, बल्कि समुद्री सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय मजबूती से जुड़े व्यावहारिक काम भी शुरू कर रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियोने यह बात कही है।
कांग्रेस की एक सुनवाई में बुधवार को रूबियो ने कहा कि ट्रंप प्रशासन की इंडो-पैसिफिक रणनीति में क्वाड अब एक बहुत अहम स्तंभ बनता जा रहा है। उनकी बात से साफ संकेत मिलता है कि क्वाड अब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ज्यादा ‘एक्शन-ओरिएंटेड’ भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह समूह पहले से कई बैठकें कर चुका है और इस साल आगे और भी उच्च-स्तरीय बैठकें होने की तैयारी है।
रूबियो ने बताया कि उन्होंने हाल ही में भारत में क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था। उनका कहना था कि अब चारों देश सिर्फ चर्चा नहीं कर रहे, बल्कि ठोस और लागू किए जा सकने वाले प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “अब हमारे पास कुछ ऐसे काम हैं जिन पर हम ध्यान दे रहे हैं।”
इनमें से एक बड़ा प्रस्ताव समुद्री ‘मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस’ को बेहतर बनाना है, यानी समुद्र में क्या हो रहा है उस पर बेहतर नजर रखना। इसका मकसद इंडो-पैसिफिक में जहाजों की आवाजाही, संभावित खतरों और अहम समुद्री रास्तों की निगरानी को मजबूत करना है।
रूबियो ने कहा कि चारों देश मिलकर अपनी संसाधनों को जोड़ रहे हैं ताकि समुद्र में होने वाली गतिविधियों पर बेहतर नजर रखी जा सके। इसमें संदिग्ध गतिविधियों, प्रतिबंधों से बचने की कोशिशों और समुद्री केबल्स जैसी अहम संरचनाओं को खतरे जैसी चीजों पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर ये चार देश अपनी ताकत और संसाधन मिलाकर काम करें, तो इससे पूरे क्षेत्र को फायदा होगा।
इसके अलावा क्वाड देश पैसिफिक आइलैंड्स में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी बात कर रहे हैं। रूबियो ने बताया कि इस क्षेत्र के एक छोटे द्वीप पर एक नया पोर्ट (बंदरगाह) बनाने की योजना पर काम चल रहा है, और इसके लिए फिजी के साथ भी चर्चा हो रही है।
रूबियो के अनुसार, आने वाले समय में क्वाड की साझेदारी ज्यादा से ज्यादा ‘व्यावहारिक नतीजों’ पर केंद्रित होगी, ताकि क्षेत्र को मजबूत किया जा सके और कमजोरियों को कम किया जा सके।
जब उनसे आगे की बैठकों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन इस साल के अंत से पहले क्वाड देशों के नेताओं की बैठक कराने की उम्मीद कर रहा है।
क्वाड अब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का एक बहुत अहम रणनीतिक समूह बन चुका है, जिसमें चार बड़ी लोकतांत्रिक देश शामिल हैं और जो समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चेन, क्षेत्रीय स्थिरता और चीन के बढ़ते प्रभाव जैसे मुद्दों पर साथ मिलकर काम करते हैं।

