जयपुर, 15 मई (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को भिवाड़ी में राज्य के पहले सेमीकंडक्टर क्लस्टर का उद्घाटन किया, और कहा कि हरियाणा के रास्ते राजस्थान को दिल्ली से जोड़ने वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना और यमुना जल समझौते पर तेजी से काम चल रहा है।
भिवाड़ी और खैरथल-तिजारा की कई विकास परियोजनाओं के वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नीतिगत सुधारों, बुनियादी ढांचे के विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा पहलों के जरिए औद्योगिक विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 35 नीतियां लागू कर राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। यह ‘विकसित भारत, विकसित राजस्थान 2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान भिवाड़ी में अल्सीना इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स और 34 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सहित कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया। साथ ही खैरथल-तिजारा जिले में भी विभिन्न विकास कार्यों की शुरुआत हुई।
उन्होंने कहा कि यमुना जल समझौते को तेजी से लागू करने के साथ-साथ अलवर के पास बांदीकुई में एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किया जाएगा। भिवाड़ी में बने सेमीकंडक्टर क्लस्टर को उन्होंने राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास के लिए ऐसा ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है जिसमें सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण और स्थानीय जरूरतों को शामिल किया जाएगा। ग्रामीण युवाओं को सुविधाएं देने के लिए पंचायत स्तर पर ‘अटल ज्ञान केंद्र’ स्थापित करने का फैसला भी लिया गया है।
उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य सरकार ने बिजली और पानी की जरूरतों को पूरा करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 24 जिलों में किसानों को अब दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि 4 लाख नौकरियां देने के वादे को पूरा करने के लिए सरकार अब तक 1.25 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दे चुकी है। इसके अलावा 1.25 लाख नई भर्तियों का कैलेंडर जारी किया गया है और 1.35 लाख से ज्यादा पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी है।
केंद्रीय रेल और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत में अब 12 सेमीकंडक्टर प्लांट हैं, जहां विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए चिप्स बनाए जा रहे हैं। राजस्थान भी अब इस उद्योग से जुड़ने वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
उन्होंने कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का मूल्य छह गुना बढ़कर 13 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। मोबाइल फोन अब भारत का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बन चुका है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग योजना के तहत 75 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि भिवाड़ी इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में 1,200 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 2,500 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इस प्लांट में हर साल 6 करोड़ चिप्स के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
वैष्णव ने बताया कि अमृत योजना के तहत राजस्थान में 85 रेलवे स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 15 का काम पूरा हो चुका है। अलवर रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि भिवाड़ी में 61 करोड़ रुपए की लागत से बने 34 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही 52 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली ट्रीटेड वॉटर पाइपलाइन परियोजना की आधारशिला भी रखी गई।
उन्होंने कहा कि सरकार भिवाड़ी को देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग के साथ-साथ भिवाड़ी अब सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी तेजी से आगे बढ़ेगा।

