जयपुर, 14 फरवरी (आईएएनएस)। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत एक खेत की झोपड़ी में संचालित अवैध नशीली दवा निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है।
इस कार्रवाई में अवैध एमडी (मेफेड्रोन), हथियार और ड्रग्स बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं, जिससे एक अंतरराज्यीय ड्रग रैकेट का खुलासा हुआ है।
पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर हथुनिया पुलिस स्टेशन की टीम ने असावटा-कुलथाना सड़क पर स्थित एक सुनसान खेत पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान सीमेंट की चादरों से बनी झोपड़ी के भीतर एक आधुनिक मिनी ड्रग निर्माण इकाई संचालित होती मिली। मौके से कुल 1.897 किलोग्राम अवैध एमडी जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.60 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस ने नशीले पदार्थों के निर्माण में उपयोग किए जा रहे उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनमें इंडक्शन कुकर, मिक्सर, हीटर और इलेक्ट्रॉनिक वजन मापने की मशीन शामिल हैं। मौके से प्रतापगढ़ जिले के असावटा निवासी मुराद खान पठान और गुजरात के मेहसाना निवासी मोहम्मद जुनैद को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे पिछले दो दिनों से वहां नशीले पदार्थों का निर्माण कर रहे थे।
कार्रवाई के दौरान प्रतापगढ़ के जीवन अंजना और मध्य प्रदेश के उज्जैन निवासी शारिक उर्फ जेरी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है।
छापेमारी में मुराद खान के पास से एक भरी हुई पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक यामाहा मोटरसाइकिल और एक कार को भी जब्त किया गया है।
पुलिस के अनुसार मुराद खान का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ हत्या के प्रयास तथा एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं। यह अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा और सर्किल अधिकारी गजेंद्र सिंह राव की निगरानी में चलाया गया। उदयवीर सिंह के नेतृत्व में एएसआई मनोहर सिंह, हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार, कांस्टेबल मुकेश, गिरीश चंद, भगवती लाल और चालक गणपत की टीम ने छापेमारी को अंजाम दिया।
पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए मादक पदार्थों के सप्लाई नेटवर्क और संभावित वितरण स्थलों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।

