Tuesday, July 21, 2026
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रितब्रत बनर्जी गुट का ऐलान, 21 जुलाई 1993 को जान गंवाने वाले कार्यकर्ताओं के परिजनों को देंगे 10 हजार रुपए मासिक सहायता

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कोलकाता, 21 जुलाई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के बागी और निष्कासित विधायक रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले पार्टी गुट ने मंगलवार को घोषणा की कि यदि चुनाव आयोग (ईसीआई) उन्हें पार्टी का नाम, चुनाव चिन्ह और पार्टी फंड पर अधिकार देता है तो 21 जुलाई 1993 को पुलिस फायरिंग में मारे गए 13 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के परिवारों को हर महीने 10,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

मध्य कोलकाता में आयोजित एक शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए रितब्रत बनर्जी ने कहा कि यह राशि पार्टी फंड से दी जाएगी।

उन्होंने कहा, “यदि चुनाव आयोग हमारे पक्ष में फैसला देता है तो तृणमूल कांग्रेस की पहली राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में पहला प्रस्ताव 13 शहीदों के परिवारों को 10,000 रुपए मासिक सहायता देने का होगा। हमने इसका पूरा हिसाब लगाया है और पाया है कि यह संभव है।”

गौरतलब है कि 21 जुलाई 1993 को पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा सरकार और तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु के कार्यकाल के दौरान हुए एक प्रदर्शन में पुलिस फायरिंग में 13 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी।

इस बीच, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने गुट की ओर से आयोजित एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वह पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अपना अधिकार बनाए रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी।

सोमवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा में जस्टिस सुशांत चटर्जी (सेवानिवृत्त) आयोग की रिपोर्ट पेश की। इस आयोग का गठन पूर्व तृणमूल सरकार ने 13 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौत की जांच के लिए किया था।

रिपोर्ट पेश करने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली ममता बनर्जी सरकार ने आयोग की सिफारिशों का पालन नहीं किया।

उन्होंने कहा, “आयोग ने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपए और घायलों को 12 लाख रुपए मुआवजा देने की सिफारिश की थी, लेकिन पिछली सरकार ने मृतकों के परिवारों को केवल 2 लाख रुपए और घायलों को मात्र 15,000 रुपए दिए। यह शर्मनाक है।”

सुवेंदु अधिकारी ने मृतकों और घायलों के परिवारों से नया एफआईआर दर्ज कराने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सरकार इसके लिए अवसर देगी।

उन्होंने कहा, “यदि परिवार आयोग की सिफारिश के अनुसार मुआवजा चाहते हैं, तो हमारी सरकार मुख्यमंत्री राहत कोष से वह राशि देने के लिए भी तैयार है।”