भोपाल, 3 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सियासी बहस के बीच भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक बने रामेश्वर शर्मा ने बुधवार को कहा कि देश के कई क्षेत्रों की डेमोग्राफी में बदलाव आ रहा है और मुस्लिम आबादी में वृद्धि के कारण समाज में तनाव और भय का माहौल बन रहा है।
रामेश्वर शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि एक विशेष धर्म के लोगों की बढ़ती आबादी कई इलाकों की सामाजिक संरचना को प्रभावित कर रही है। यही स्थिति समान नागरिक संहिता और जनसंख्या नियंत्रण जैसे मुद्दों को और अधिक महत्वपूर्ण बनाती है।
भाजपा विधायक ने कहा कि देशभर में यह मांग लगातार तेज हो रही है कि किसी भी परिवार में तीन से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए। जिन लोगों के अत्यधिक बच्चे हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने पर विचार किया जाना चाहिए।
रामेश्वर शर्मा ने अपने बयान में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने भी परिवार नियोजन की आवश्यकता पर जोर दिया था। ऐसे में कांग्रेस को इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन करना चाहिए और लोगों के बीच भ्रम फैलाने के बजाय जनसंख्या नियंत्रण तथा यूसीसी जैसे विषयों पर सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस नेताओं से अपील करते हुए कहा कि वे राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के प्रयासों का समर्थन करें। यह किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बता दें कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दो दिन पहले ही घोषणा की थी कि मध्य प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा था कि उनकी सरकार यूसीसी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस संबंध में जनता तथा कानूनी विशेषज्ञों से सुझाव लिए जा रहे हैं।
सीएम मोहन यादव ने यह भी कहा था कि विवाह और पारिवारिक मामलों में धर्म आधारित अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की व्यवस्था अब आवश्यक नहीं रह गई है और राज्य को एक समान नागरिक संहिता की जरूरत है। राज्य सरकार यूसीसी विधेयक का मसौदा तैयार करने से पहले व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श कर रही है।

