गांधीनगर, 24 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तय समय-सीमा के भीतर लोगों की कई शिकायतों का समाधान करें।
इन शिकायतों में ड्रेनेज की समस्या, औद्योगिक प्रदूषण, गांव की एक लंबे समय से लंबित सड़क, कबाड़ के कारोबार से ट्रैफिक में रुकावट और किसान के खेत में सीवेज का पानी छोड़े जाने जैसी समस्याएं शामिल हैं।
ये निर्देश गुरुवार को आयोजित सितंबर के राज्य स्तरीय ‘स्वागत’ कार्यक्रम के दौरान दिए गए, जिसमें सीएम भूपेंद्र पटेल ने भावनगर, मेहसाणा, जूनागढ़, मोरबी और राजकोट के नागरिकों की बातें सुनीं। इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में 200 से ज्यादा आवेदक मौजूद थे और सरकार ने पूरे गुजरात से आए 5,057 आवेदकों की शिकायतों पर जरूरी कार्रवाई की।
इनमें से 2,277 आवेदन जिला ‘स्वागत’ और 2,780 आवेदन तालुका ‘स्वागत’ के जरिए मिले थे।
भावनगर के थलसर गांव में मुख्यमंत्री को अंडरग्राउंड ड्रेनेज की समस्या के बारे में बताया गया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को तुरंत अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था करने, जगह का निरीक्षण करने और व्यवहार्यता का आकलन करने के बाद ड्रेनेज लाइन बिछाने का निर्देश दिया।
मेहसाणा के कड़ी तालुका से औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदूषित पानी छोड़े जाने की शिकायत भी पटेल के सामने आई। उन्होंने वन और पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव को निर्देश दिया कि वे शामिल इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
जूनागढ़ जिले के मांगरोल तालुका में निवासियों ने शिकायत की थी कि स्थानीय विरोध के कारण लबारकुवा-मेनेज गांव की सड़क का निर्माण लंबे समय से अटका हुआ है। सीएम पटेल ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि सड़क का काम दिवाली से पहले पूरा हो जाए।
राजकोट में, राजकोट नगर निगम की सीमा के भीतर कबाड़ के कारोबार से जुड़ी गतिविधियों के बारे में शिकायत की गई, जिनसे ट्रैफिक में रुकावट आ रही थी। सीएम ने नगर आयुक्त को तुरंत कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर जगह को सील करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि शिकायत का समाधान एक हफ्ते के भीतर किया जाए।
मोरबी नगर निगम क्षेत्र के एक किसान ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से गंदा पानी अपने खेत में छोड़े जाने का मुद्दा उठाया। सीएम ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि वे 900 मीटर की पाइपलाइन बिछाकर 20 दिनों के भीतर इस मामले का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने बेचारजी एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के तहत एक ऐसी इंडस्ट्री का मामला भी उठाया, जिसे तीन साल से कंस्ट्रक्शन की इजाजत नहीं मिली थी।
उन्होंने अर्बन डेवलपमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और चीफ टाउन प्लानर को निर्देश दिया कि वे इस मामले को एक महीने के अंदर सुलझाएं। सितंबर के स्टेट ‘स्वागत’ कार्यक्रम में किसानों के खेतों से बारिश का पानी निकालने, सफाई, अतिक्रमण और अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी से जुड़े मुद्दों पर भी बात की गई।
‘स्वागत’ (यानी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से शिकायतों पर राज्य-स्तरीय ध्यान) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान नागरिकों की शिकायतों को दूर करने के लिए एक टेक्नोलॉजी-बेस्ड सिस्टम के तौर पर शुरू किया गया था।
राज्य सरकार ने कहा कि इस प्रोग्राम से ‘सेवा संकल्प अभियान’ को और तेजी मिली, जो पीएम मोदी की जन-सेवा और राष्ट्रीय हित के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित किया जा रहा है। इस प्रोग्राम के दौरान संबंधित विभागों के सीनियर सेक्रेटरी मौजूद थे।
