बंगाल चुनाव 2026: टीएमसी को बड़ा झटका, विधायक अब्दुर रज्जाक का इस्तीफा

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कोलकाता, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से महज सात दिन पहले पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है। मुर्शिदाबाद जिले की जालंगी सीट से वरिष्ठ विधायक अब्दुर रज्जाक मंडल ने गुरुवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

रज्जाक ने जालंगी के कांटाबाड़ी स्थित अपने विधायक कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तृणमूल कांग्रेस से सभी संबंध तोड़ने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने रानीनगर से टीएमसी उम्मीदवार सौमिक हुसैन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आंतरिक साजिश के कारण उन्हें जालंगी सीट से चुनाव लड़ने का मौका नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि सौमिक हुसैन डोमकल सबडिवीजन में अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं और इसी वजह से उन्हें दोबारा टिकट नहीं मिला। रज्जाक ने दावा किया कि डोमकल सबडिवीजन की तीनों सीटों पर तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ेगा।

वहीं, सौमिक हुसैन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “मैं टिकट देने वाला व्यक्ति नहीं हूं। उन्हें इस बार टिकट नहीं मिला, इसलिए वह बदले की भावना से ऐसा कह रहे हैं।”

हालांकि रज्जाक ने कहा कि टिकट न मिलने का उन्हें व्यक्तिगत दुख नहीं है, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की टिप्पणियों से वे आहत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में जालंगी की एक सभा में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र किया, जिससे उनकी 43 साल की राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा।

रज्जाक ने सवाल उठाया कि उनके खिलाफ आरोप किसने लगाए और बिना किसी चर्चा के उन्हें बदनाम क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को स्वीकार न कर पाने के कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। उन्होंने कहा, “अब मैं एक आम नागरिक की तरह जीना चाहता हूं।”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह भी दावा किया कि डोमकल सबडिवीजन की तीनों सीटों पर टीएमसी उम्मीदवारों की हार होगी। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में इस हार का ठीकरा उन पर फोड़ा जा सकता है, जो पार्टी छोड़ने का एक और कारण है।

हालांकि, पार्टी छोड़ने के बावजूद रज्जाक ने साफ किया कि वे राजनीति से संन्यास नहीं ले रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में किसी अन्य पार्टी में शामिल हो सकते हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा, “मैं एक सामान्य मतदाता के रूप में वोट डालूंगा। मैं तृणमूल या किसी भी अन्य पार्टी को वोट दे सकता हूं।”

रज्जाक ने राज्य में चुनावी नतीजों को लेकर भी संदेह जताया और जालंगी, डोमकल और रानीनगर सीटों पर ‘बाहरी’ उम्मीदवारों को टिकट देने के फैसले की आलोचना की। उनके अनुसार, स्थानीय उम्मीदवारों से मजबूत वोट बैंक बनता है, जिसे पार्टी ने नजरअंदाज किया है।

उन्होंने यह भी नाराजगी जताई कि उन्हें किसी भी चुनाव समिति में जगह नहीं दी गई, जो पार्टी छोड़ने का एक अहम कारण बना।