Friday, July 10, 2026
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एंडोमेट्रियोसिस से जूझी शमिता शेट्टी, बोलीं- ‘दर्द को सामान्य समझती रही, सही बीमारी का पता चलने में हो गई थी देर’

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मुंबई, 10 जुलाई (आईएएनएस)। फिल्मों और रियलिटी शोज के जरिए पहचान बनाने वाली शमिता शेट्टी ने सोहा अली खान के पॉडकास्ट ‘ऑल अबाउट हर’ में अपनी जिंदगी के मुश्किल दौर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय तक एंडोमेट्रियोसिस बीमारी से जूझती रहीं। शुरुआत में डॉक्टर उनकी बीमारी को नहीं पकड़ पाए, जिससे इलाज में काफी देरी हुई। बातचीत में शमिता ने पहली बार एंडोमेट्रियोसिस और पेरिमेनोपॉज से जुड़े अपने अनुभव खुलकर साझा किए।

अपनी हेल्थ जर्नी साझा करते हुए शमिता शेट्टी ने बताया कि लंबे समय तक उन्हें समझ ही नहीं आया कि उनके शरीर में जो बदलाव हो रहे हैं, वे सामान्य हैं या किसी गंभीर बीमारी का संकेत।

सोहा अली खान ने जब शमिता से पूछा कि सही बीमारी का पता चलने से पहले वह कितने समय तक दर्द झेलती रहीं, तो उन्होंने बताया कि उनके मामले में सही डायग्नोसिस मिलने में काफी वक्त लग गया। शमिता ने कहा, ”मेरे मामले में बीमारी का पता लगने में काफी देर हुई, क्योंकि शुरुआत में मुझे सही डायग्नोसिस नहीं मिला। जब भी कोई लक्षण महसूस होता, मैं खुद को यही समझाती थी कि शायद यह सामान्य है। सबसे पहले जब मैं अपनी गायनेकोलॉजिस्ट के पास गई, तब उन्होंने पैप स्मीयर समेत सभी जरूरी जांच कराईं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सब कुछ ठीक है।”

उन्होंने आगे बताया, ”जब सभी रिपोर्ट सामान्य आईं, तो किसी ने यह नहीं सोचा कि इसके पीछे कोई दूसरी वजह भी हो सकती है। इसके बाद जब भी वही तकलीफ दोबारा होती, मैं खुद को यही समझाती थी कि पिछली बार भी कुछ नहीं निकला था, इसलिए शायद यह सामान्य होगा। मुझे लगा कि एक महिला होने के नाते ऐसा होना आम बात है।”

शमिता ने कहा कि महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे अक्सर अपने दर्द को सामान्य मानकर सहती रहती हैं। उन्होंने कहा, ”हम महिलाएं अक्सर अपना दर्द खुलकर व्यक्त नहीं करतीं। पीरियड्स का दर्द हो या हार्मोन से जुड़ी दूसरी परेशानियां, इन्हें सामान्य मान लिया जाता है। समाज भी यही मानता है कि महिलाओं को इन सबके साथ जीना चाहिए। शायद इसी वजह से कई महिलाएं समय रहते अपनी बीमारी को पहचान नहीं पातीं।”

अभिनेत्री ने बताया कि सर्जरी से करीब छह से आठ महीने पहले उनकी हालत काफी खराब हो गई थी। उन्होंने कहा, ”उससे पहले दर्द इतना ज्यादा नहीं था। मेरी दर्द सहने की क्षमता काफी मजबूत है। लेकिन जब दर्द की वजह से मेरी नींद खुलने लगी, तब मुझे एहसास हुआ कि कुछ गड़बड़ है। उसी समय मुझे लगा कि मेरा शरीर मुझे संकेत दे रहा है कि अब इसकी असली वजह पता करनी चाहिए।”

शमिता ने बताया कि उसी समय वह पेरिमेनोपॉज के बारे में भी जानकारी हासिल कर रही थीं। हार्मोन में लगातार हो रहे बदलावों की वजह से उनके लिए यह समझना मुश्किल हो गया था कि उनकी तकलीफ पेरिमेनोपॉज का हिस्सा है या किसी दूसरी बीमारी का संकेत। उन्होंने कहा, ”मैं बहुत उलझन में थी। एक तरफ हार्मोनल बदलाव हो रहे थे और दूसरी तरफ दर्द लगातार बढ़ रहा था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि यह सब पेरिमेनोपॉज की वजह से हो रहा है या कोई दूसरी समस्या है।”

शमिता शेट्टी ने कहा, ”महिलाओं को अपने शरीर के संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर लंबे समय तक दर्द या कोई असामान्य लक्षण बने रहें, तो उसे सामान्य मानकर सहने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। समय पर सही जांच और इलाज महिलाओं को बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने में भी मदद कर सकता है।”

बता दें कि एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसा ऊतक गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है। इससे तेज दर्द, अनियमित पीरियड्स और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, पेरिमेनोपॉज वह चरण होता है जब मेनोपॉज से पहले महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव शुरू हो जाते हैं।