‘मन की बात’ में यूरोपियन मैथ ओलंपियाड गोल्ड मेडलिस्ट श्रेया का जिक्र, छात्रा और परिवार ने पीएम मोदी का जताया आभार

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नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में यूरोपियन गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड में गोल्ड मेडल विजेता वाली छात्रा श्रेया मुंद्रा की जीत का जिक्र किया। इसके लिए छात्रा और उनके पिता ने पीएम मोदी का धन्‍यवाद किया।

श्रेया मुंद्रा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से ​​बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रतियोगिता की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया है। जब दूसरे छात्रों को इसके बारे में पता चलेगा तो हो सकता है कि वे भी गणित में दिलचस्पी लेने लगें।

उन्होंने कहा कि न तो मैंने और न ही मेरे परिवार ने कभी सोचा था कि मैं इसमें गोल्ड मेडल जीत पाऊंगी।

मुंद्रा ने सरकार की मदद से मिली उस ट्रेनिंग के लिए भी शुक्रिया अदा किया, जो उन्हें होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (एचबीसीएसई) से मिली थी।

उन्होंने प्रतियोगिता के अलग-अलग चरणों के बारे में बताते हुए कहा कि कम्प्यूटेशनल राउंड के दौरान हमें आईओक्‍यूएम के हिस्से के तौर पर तीन घंटे में 30 सवाल हल करने होते हैं। इसके लिए हर राज्य से लगभग 250 उम्मीदवारों को चुना जाता है।

उन्होंने कहा कि अगले चरण में जिसे रीजनल मैथमेटिक्स ओलंपियाड (आरएमओ) कहा जाता है, हर राज्य से लगभग 35 छात्रों को चुना जाता है। यहां छह सवाल होते हैं जिन्हें तीन घंटे में पूरा करना होता है।

मुंद्रा ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने के लिए हमें क्षेत्रीय स्तर पर ट्रेनिंग दी जाती है, जो मेरे लिए बहुत मददगार रही है। यहां कई ट्रेनिंग कैंप होते हैं और शिक्षक हमारा सहयोग करते हैं।

एचबीसीएसई में मिली ट्रेनिंग के बारे में उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता मुझे वहां भेजने में खुश थे, क्योंकि यह एक राष्ट्रीय स्तर का कैंप है।

हालांकि, गोल्ड मेडल जीतने वाली इस छात्रा ने इस बात पर जोर दिया कि आज भी इस तरह के ओलंपियाड में लड़कियों की भागीदारी काफी कम है। उन्होंने इसकी एक वजह सुरक्षा को बताया।

उन्होंने कहा कि पहले दो राउंड के बाद रहने वाले कैंप आयोजित किए जाते हैं। मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि मैं इसका हिस्सा बन पाई। अगर इन कैंपों को और ज्‍यादा सुरक्षित बनाया जाए तो और भी ज्‍यादा माता-पिता अपनी बेटियों को वहां भेजने के लिए तैयार होंगे।

मुंद्रा ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा उनकी जीत का जिक्र किए जाने से कई ऐसे छात्रों को विज्ञान और गणित में दिलचस्पी लेने की प्रेरणा मिलेगी, जिन्हें आज भी ये विषय मुश्किल लगते हैं।

श्रेया के पिता शांतनु मुंद्रा ने भी प्रधानमंत्री द्वारा उनकी जीत का जिक्र किए जाने को एक ‘गर्व का पल’ बताया। ओलंपियाड और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि ओलंपियाड की तैयारी में विषय की वैचारिक समझ पर जोर दिया जाता है, जबकि प्रतियोगी परीक्षा के लिए लोग 18 घंटे तक पढ़ाई करते हैं।

श्रेया के पिता ने अपनी बेटी को आत्मविश्वास और आजादी देने पर जोर दिया, ताकि वह जो कुछ भी करना चाहती है, उसे करती रहे। उन्होंने दूसरे माता-पिता से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को उनकी अपनी रुचियों के अनुसार विषय चुनने के लिए प्रोत्साहित करें।

शांतनु मुंद्रा ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा देश की बेटियों की इस स्तर पर सराहना करने से, दूसरी बेटियों के माता-पिता भी अपने बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित होंगे।