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एसआईआर नोटिस पर ईसीआई की सफाई, पूर्व चुनाव आयुक्त संधू का नाम अंतिम मतदाता सूची में होगा शामिल

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नई दिल्ली, 20 सितंबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने पूर्व चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को जारी किए गए एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) नोटिस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों और दस्तावेजों का सत्यापन कर लिया गया है और उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

रविवार को जारी बयान में चुनाव आयोग ने कहा कि एस.एस. संधू की मतदाता प्रविष्टि विधानसभा क्षेत्र-38 (दिल्ली कैंट) में अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाने के लिए पहले ही सत्यापित कर ली गई है। इस क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची 11 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।

आयोग ने कहा कि सोशल मीडिया पर एस.एस. संधू को एसआईआर प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए जाने को लेकर भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही थी। इसी को लेकर यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है।

चुनाव आयोग के अनुसार, 2026 की विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान एस.एस. संधू की प्रविष्टि को “नाम में विसंगति” श्रेणी में चिन्हित किया गया था। यह वर्गीकरण एन्यूमरेशन फॉर्म में दी गई जानकारी और पिछली मतदाता सूची से मिलान के आधार पर किया गया था।

आयोग ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिनकी प्रविष्टियों का पिछली मतदाता सूची से तार्किक रूप से मिलान नहीं हो पाया या जिनमें किसी प्रकार की विसंगति पाई गई।

ईसीआई ने यह भी कहा कि न्यायपालिका के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, संवैधानिक पदाधिकारियों तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और लोक सेवा से जुड़ी प्रमुख हस्तियों के नाम, यदि डेटाबेस में चिन्हित हुए हैं, तो उन्हें भी ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया गया है ताकि दावा और आपत्ति की अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जा सकें।

आयोग ने कहा कि नोटिस मिलने पर संबंधित मतदाता निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के समक्ष आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) द्वारा सत्यापन के बाद इन नोटिसों का निस्तारण 29 अक्टूबर तक किया जाएगा।

चुनाव आयोग ने दोहराया कि उसका उद्देश्य पारदर्शी, सहभागी और समावेशी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।