Thursday, July 2, 2026
SGSU Advertisement
Home अंतर्राष्ट्रीय दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल पर अगले सप्ताह आएगा...

दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल पर अगले सप्ताह आएगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला

0
9

सोल, 2 जुलाई (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया का सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने के मामले में अपना फैसला सुनाएगा। उन पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2024 में मार्शल लॉ लागू करने की असफल कोशिश के बाद जांच एजेंसियों को उन्हें हिरासत में लेने से रोकने का प्रयास किया था।

कानूनी सूत्रों के अनुसार, इस मामले में सजा सुनाने की सुनवाई अगले गुरुवार दोपहर 2 बजे होगी। यह 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ की घोषणा से जुड़े मामलों में यून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का पहला फैसला होगा।

योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि यून, जो फिलहाल जेल में हैं, पर आरोप है कि उन्होंने जनवरी 2025 में अपने सुरक्षा कर्मियों को जांच अधिकारियों को गिरफ्तारी वारंट लागू करने से रोकने का निर्देश दिया था।

उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने मार्शल लॉ योजना की समीक्षा के लिए नौ कैबिनेट मंत्रियों को पूर्व बैठक में नहीं बुलाकर उनके अधिकारों का उल्लंघन किया। इसके अलावा, मार्शल लॉ हटाए जाने के बाद कथित प्रक्रियागत खामियों को छिपाने के लिए सरकारी दस्तावेजों में बदलाव करने और बाद में उन दस्तावेजों को नष्ट करने का भी आरोप है।

अप्रैल में अपीलीय अदालत ने इन आरोपों में दोषी ठहराते हुए यून को सात वर्ष की सजा सुनाई थी। यह निचली अदालत की पांच वर्ष की सजा से दो वर्ष अधिक थी, हालांकि विशेष अभियोजन पक्ष ने उनके लिए 10 वर्ष की सजा की मांग की थी।

मार्शल लॉ लागू करने की कथित साजिश के जरिए विद्रोह का नेतृत्व करने के मामले में यून के खिलाफ एक अन्य मुकदमा भी अपीलीय अदालत में चल रहा है। इस मामले में निचली अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

इससे पहले जून में सोल की एक अदालत ने यून को 30 वर्ष कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने उन्हें वर्ष 2024 में उत्तर कोरिया में ड्रोन भेजने का आदेश देने का दोषी माना था। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाना और बाद में मार्शल लॉ लागू करने के लिए माहौल तैयार करना था।

सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने यून को दुश्मन को लाभ पहुंचाने और पद के दुरुपयोग का दोषी ठहराया। अदालत ने माना कि अक्टूबर 2024 में उन्होंने उत्तर कोरिया को उकसाने और सीमा पर तनाव बढ़ाने के उद्देश्य से इस अभियान को मंजूरी दी थी, ताकि 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ की घोषणा का आधार तैयार किया जा सके।

हालांकि, यून की कानूनी टीम ने फैसले के कुछ ही घंटों बाद इसके खिलाफ अपील दायर कर दी।

इसी मामले में पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून को 30 वर्ष की सजा सुनाई गई, जबकि पूर्व रक्षा प्रतिविद्रोह कमान प्रमुख यो इन-ह्युंग को 15 वर्ष के कारावास की सजा मिली। ड्रोन ऑपरेशन कमान के पूर्व प्रमुख किम योंग-डे को तीन वर्ष की सजा सुनाई गई, जिसे पांच वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपियों ने मार्शल लॉ लागू करने के लिए सैन्य मनोवैज्ञानिक रणनीति अपनाकर उत्तर कोरिया को उकसाने और सीमा पर संघर्ष या राष्ट्रीय सुरक्षा संकट की स्थिति पैदा करने की योजना बनाई थी। अदालत ने इसे जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात करार दिया और कहा कि इस कार्रवाई के पीछे व्यक्तिगत उद्देश्य भी था।

वहीं, यून के वकीलों का कहना है कि वर्ष 2024 में उत्तर कोरिया द्वारा दक्षिण कोरिया की ओर कचरा ले जाने वाले गुब्बारे भेजे जाने के जवाब में सोल के ड्रोन भेजने की कार्रवाई वैध थी।

अदालत ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि इस अभियान से दक्षिण कोरिया की सैन्य संपत्तियां उजागर हुईं, जिससे देश के सुरक्षा हितों को नुकसान पहुंचा और उत्तर कोरिया की सैन्य तैयारियों को मजबूती मिली।