Friday, May 29, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति तमिलनाडु: सीएम स्टालिन ने रमजान इफ्तार कार्यक्रम में हिस्सा लिया, डीएमके और...

तमिलनाडु: सीएम स्टालिन ने रमजान इफ्तार कार्यक्रम में हिस्सा लिया, डीएमके और मुसलमानों के बीच मजबूत संबंधों पर प्रकाश डाला

0
23

चेन्नई, 15 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने रविवार को चेन्नई के अमीनजिकराई में पार्टी के अल्पसंख्यक विंग द्वारा आयोजित इफ्तार समारोह में भाग लिया, जहां उन्होंने डीएमके और मुस्लिम समुदाय के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने रमजान महीने में आयोजित इफ्तार कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस दौरान पार्टी के अल्पसंख्यक दल द्वारा आयोजित धर्मार्थ कार्यक्रम में भाग लेकर उन्हें बहुत खुशी हुई है।

उन्होंने आगे कहा, “रमजान के महीने में आयोजित इस नेक कार्यक्रम में भाग लेकर मुझे खुशी हो रही है। मुस्लिम समुदाय और डीएमके के बीच का रिश्ता पीढ़ियों से कायम है।”

मुख्यमंत्री ने दान, करुणा और सामाजिक सद्भाव के प्रति मुस्लिम समुदाय की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।

सीएम एमके स्टालिन के अनुसार, मुसलमानों ने लगातार उदारता और दूसरों की मदद करने की भावना का प्रदर्शन किया है, साथ ही सभी के साथ समानता और सम्मान का व्यवहार किया है।

उन्होंने डीएमके सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देने के साथ लागू की गई विभिन्न कल्याणकारी पहलों पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में वर्तमान सरकार की सबसे बड़ी ताकत महिलाएं ही हैं।

उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार ने महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण पर केंद्रित कई योजनाएं शुरू की हैं। महिलाएं डीएमके सरकार की सबसे बड़ी ताकत हैं।”

मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में इस्लामी संगठनों के जमावड़े का जिक्र करते हुए कहा कि इस्लामी आंदोलनों के बीच एकता न केवल तमिलनाडु के लिए बल्कि पूरे देश के लिए आवश्यक है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अल्पसंख्यक समूहों का एक मंच पर एकजुट होना लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करेगा।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने विपक्ष, विशेषकर एआईएडीएमके नेतृत्व की भी आलोचना की। उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम लिए बिना सवाल उठाया कि क्या एआईएडीएमके के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने अल्पसंख्यकों पर हमलों के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई थी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश के विभिन्न हिस्सों में अल्पसंख्यक समुदायों को बढ़ती चुनौतियों और असहिष्णुता का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने दावा किया, “मुसीबतों का सामना सिर्फ मुसलमान ही नहीं कर रहे हैं। यहां तक कि कुछ जगहों पर ईसाई भी क्रिसमस जैसे त्योहार शांतिपूर्वक नहीं मना पा रहे हैं।”

सीएम स्टालिन ने एक तीखी राजनीतिक टिप्पणी में एआईएडीएमके नेतृत्व पर अपनी राजनीतिक स्वतंत्रता से समझौता करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “ईपीएस ने न केवल एआईएडीएमके को गिरवी रखा है, बल्कि अपनी अंतरात्मा को भी भाजपा के पास गिरवी रख दिया है।”

इफ्तार समारोह में कई मुस्लिम नेताओं, पार्टी पदाधिकारियों और अल्पसंख्यक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो राज्य में आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों से पहले अल्पसंख्यक समुदायों तक डीएमके की पहुंच को दर्शाता है।