तेलंगाना ने माध्यमिक शिक्षा को स्कूली शिक्षा में विलय करने का निर्णय किया स्थगित

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हैदराबाद, 10 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने माध्यमिक शिक्षा को स्कूली शिक्षा प्रणाली में विलय करने की शिक्षा आयोग की सिफारिश पर फैसले को फिलहाल टाल दिया है।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस शैक्षणिक वर्ष के लिए इंटरमीडिएट में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ववत रूप से संचालित की जाए।

प्रवेश के लिए सीमित समय और विलय की प्रक्रिया में आ रही विभिन्न तकनीकी बाधाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रवेश प्रक्रिया को तत्काल शुरू किया जाए ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

तेलंगाना शिक्षा आयोग ने इंटरमीडिएट शिक्षा प्रणाली को समाप्त करने और इसे सीबीएसई मॉडल के समान कक्षा 11 और कक्षा 12 से प्रतिस्थापित करने की सिफारिश की थी। आयोग ने जोर दिया कि नई शिक्षा प्रणाली से छात्रों के स्कूल छोड़ने की संख्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।

अधिकांश राज्य पहले से ही कक्षा 11 और कक्षा 12 की संरचना लागू कर रहे थे। तेलंगाना अभी भी इंटरमीडिएट शिक्षा की पुरानी प्रणाली को एक अलग इकाई के रूप में अपना रहा था। परिणामस्वरूप, सरकारी स्कूलों में 10वीं कक्षा तक की शिक्षा पूरी करने वाले अधिकांश छात्र इंटरमीडिएट अध्ययन के लिए निर्धारित अलग कॉलेजों में दाखिला नहीं ले रहे हैं बल्कि वे अपनी शिक्षा बीच में ही छोड़ देते हैं।

इस पृष्ठभूमि में, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सुझाव दिया कि इंटरमीडिएट शिक्षा को एक अलग इकाई के रूप में रखने के बजाय इसे कक्षा 11 और 12 के रूप में नियमित स्कूल पाठ्यक्रम में एकीकृत किया जाए।

तेलंगाना शिक्षा आयोग ने भी इंटरमीडिएट शिक्षा को स्कूली शिक्षा में विलय करने के महत्व पर बल दिया।

इंटरमीडिएट पाठ्यक्रम में प्रवेश स्थगित करने की घोषणा भी की गई, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल पैदा हो गया।

वर्तमान स्थिति को देखते हुए, मुख्यमंत्री ने सांसद वेम नरेंद्र रेड्डी, राज्य के मुख्य सचिव रामकृष्ण राव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव शेषाद्री, विशेष सचिव अजीत रेड्डी, सचिव माणिक राज और शिक्षा विभाग की आयुक्त योगिता राणा के साथ बैठक की।

मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित विलय से संबंधित कई तकनीकी मुद्दों और चुनौतियों की समीक्षा की और प्रक्रिया को अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सुझाव दिया कि तेलंगाना शिक्षा नीति तैयार करने के लिए गठित समिति इस मुद्दे का अध्ययन करे और अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विधानसभा में बहस के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।