हैदराबाद, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 1,000 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह राशि कर्मचारियों के बकाया भुगतान के लिए जारी की गई है।
उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क के निर्देश पर बुधवार को यह राशि जारी की गई। वित्त विभाग के प्रधान सचिव संदीप कुमार सुल्तानिया ने इस संबंध में आदेश जारी किए।
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा में कर्मचारियों को दिया गया आश्वासन पूरा किया है।
पिछले वर्ष कर्मचारी संगठनों के साथ हुई चर्चा में सरकार ने हर महीने 700 करोड़ रुपये जारी करने का वादा किया था। इसके तहत सरकार ने मार्च 2026 तक नियमित रूप से मासिक भुगतान किया।
हालांकि कर्मचारियों की आर्थिक जरूरतों और कठिनाइयों को देखते हुए उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने चालू वित्त वर्ष से मासिक आवंटन बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये करने का फैसला लिया। इसी क्रम में अप्रैल माह के लिए 1,000 करोड़ रुपये त्वरित रूप से जारी किए गए हैं।
सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित मामलों पर भी सकारात्मक रुख अपनाया है। इन फंड्स से अक्टूबर 2025 तक के सभी लंबित जीपीएफ (जनरल प्रोविडेंट फंड) बकाए पूरी तरह साफ कर दिए गए हैं।
सरकारी बयान में कहा गया है कि इससे अपने सेवानिवृत्ति लाभों का इंतजार कर रहे हजारों वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
कर्मचारियों की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मेडिकल बिलों का भुगतान बिना एक दिन की देरी के प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। फिलहाल मेडिकल बिलों के भुगतान की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है। इसके साथ ही छात्रवृत्ति भुगतान भी किए जा रहे हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और मेडिकल बिलों का नियमित निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।
सरकार ने कहा कि कर्मचारी शासन के भागीदार हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करना उसकी जिम्मेदारी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि बढ़ा हुआ आवंटन और जीपीएफ बकाए का निपटारा कर्मचारियों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

