तेलंगाना आरटीसी कर्मचारी हड़ताल पर जाने के लिए तैयार

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हैदराबाद, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर मंगलवार आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि प्रबंधन ने उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।

टीजीएसआरटीसी कर्मचारियों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) द्वारा हड़ताल की घोषणा के कुछ घंटों बाद, प्रबंधन ने जेएसी नेताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित किया।

टीजीएसआरटीसी के शीर्ष अधिकारियों ने जेएसी नेताओं से बातचीत के लिए उपलब्ध रहने को कहा है। समय और स्थान की जानकारी बाद में दी जाएगी।

यह घटना जेएसी नेताओं द्वारा हड़ताल पर जाने की घोषणा के कुछ घंटों बाद घटी।

जेएसी अध्यक्ष ईदुरु वेंकन्ना ने मीडियाकर्मियों को बताया कि सभी यूनियनों ने हड़ताल के आह्वान का समर्थन किया है।

उन्होंने कहा कि न तो आरटीसी अधिकारियों और न ही सरकार ने उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित किया, और न ही हड़ताल को रोकने के लिए न्यूनतम उपाय किए गए। उन्होंने आगे बताया कि आरटीसी को सरकार में विलय करने की उनकी मांग को नजरअंदाज कर दिया गया है।

आरटीसी जेएसी अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि सरकार ने अपने चुनाव घोषणापत्र में स्पष्ट रूप से विलय का उल्लेख करने के बावजूद इस मुद्दे को अनदेखा कर दिया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने एक समिति का गठन करके मामले को टालने की रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि 41 दिन पहले हड़ताल का नोटिस देने के बावजूद सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया है।

वेंकन्ना ने कहा कि अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण उन्हें हड़ताल पर जाने के लिए विवश होना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इलेक्ट्रिक बसों को शुरू करने के बहाने हैदराबाद डिपो में तैनात कर्मचारियों को जिलों में स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए सरकार पर आरटीसी को पंगु बनाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि आरटीसी को निजी संस्थाओं को सौंपने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों को डराने-धमकाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है; कर्मचारी हड़ताल पर जाने के लिए तैयार हैं। हमारी जायज मांगों का समाधान होना चाहिए।

उन्होंने सवाल उठाया कि हैदराबाद मेट्रो रेल प्रणाली को सरकार में तुरंत क्यों मिला दिया गया, जबकि आरटीसी को मिलाने में आनाकानी की जा रही है।