हैदराबाद, 8 सितंबर (आईएएनएस)। मंगलवार को सिद्दिपेट जिले के एर्रावल्ली में तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के फार्महाउस पर तनाव का माहौल रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा स्पीकर गड्डम प्रसाद कुमार के खिलाफ बीआरएस एमएलसी की अपमानजनक और अभद्र टिप्पणियों के विरोध में प्रदर्शन किया और फार्महाउस के परिसर में घुसने की कोशिश की।
आस-पास के गांवों से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की घेराबंदी तोड़कर केसीआर के फार्महाउस की ओर मार्च किया। उनमें से कुछ लोग फार्महाउस के पास तक पहुंच गए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिससे हाथापाई हुई। इस टकराव और झड़प में कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए।
दलित समुदाय से आने वाले स्पीकर प्रसाद कुमार के खिलाफ दो बीआरएस एमएलसी की अभद्र टिप्पणियों की निंदा करते हुए कांग्रेस पार्टी द्वारा बुलाए गए विरोध-प्रदर्शन के कारण सुबह से ही फार्महाउस पर तनाव बना हुआ था।
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए फार्महाउस के चारों ओर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और बैरिकेड्स लगाए गए थे।
इस बीच, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेता और कार्यकर्ता भी अपनी पार्टी प्रमुख के फार्महाउस की ओर जाते हुए देखे गए।
सत्ताधारी पार्टी के विरोध-प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव, वरिष्ठ नेता टी. हरीश राव और पार्टी के विधायक विधानसभा से एर्रावल्ली के लिए रवाना हो गए।
पुलिस ने उन्हें बोलारम में रोक दिया। बीआरएस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बीआरएस नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई।
जब पुलिस अधिकारियों ने केटीआर और हरीश राव को बताया कि पुलिस ने केसीआर की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केसीआर को कुछ भी होता है, तो कांग्रेस सरकार जिम्मेदार होगी। बीआरएसनेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी पुलिस की मदद से कानून-व्यवस्था की समस्याएं पैदा कर रही है।
जब केटीआर, हरीश राव और अन्य लोगों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और पुलिस स्टेशन ले गई।
इससे पहले, हैदराबाद पुलिस ने स्पीकर के खिलाफ अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में बीआरएस एमएलसी टाटा मधु और नवीन रेड्डी को गिरफ्तार किया था।
उन्होंने ये कथित टिप्पणियां विधानसभा के प्रवेश द्वार पर बीआरएस विधायकों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान की थीं।
