कोलकाता, 8 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस द्वारा संचालित कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के बोर्ड को भंग कर दिया और वर्तमान केएमसी आयुक्त स्मिता पांडे को प्रशासक नियुक्त किया।
राज्य के नगर निगम विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर कहा कि केएमसी अधिनियम, 1980 की धारा 117 की उपधारा (I) के तहत निगम के बोर्ड को भंग कर दिया गया है।
अधिसूचना में आगे कहा गया है कि वर्तमान बोर्ड के भंग होने के बाद निगम के सभी सदस्य, महापौर-परिषद (एमएमआईसी) के सदस्य और अधिनियम के तहत गठित निगम की किसी भी समिति के सदस्य (महापौर और अध्यक्ष भी शामिल) अपने पद छोड़ देंगे।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान बोर्ड के भंग होने के बाद राज्य सरकार के निर्देशों के अधीन, सभी शक्तियां और कर्तव्य ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा प्रयोग या निष्पादित किए जाएंगे जिन्हें सरकार नियुक्त करे।
पिछले सप्ताह, केएमसी के पूर्व महापौर और पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री फिरहाद हकीम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
इसके बाद, राज्य नगर निगम विभाग और केएमसी की पूर्व अध्यक्ष माला रॉय के बीच बोर्ड के विघटन को लेकर कानूनी विवाद शुरू हो गया।
राज्य सरकार ने केएमसी अधिनियम की धारा 117 (I) के तहत विघटन का तर्क दिया, जो सरकार को निगम के बोर्ड को भंग करने का अधिकार देती है। जबकि रॉय ने इसी अधिनियम की धारा 28 का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि मौजूदा पार्षदों में से नए महापौर के चुने जाने तक उप महापौर कार्यभार संभालेंगे।
अंततः, सोमवार को राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर तृणमूल कांग्रेस बोर्ड को भंग करने की घोषणा की और पांडे को अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए या नव निर्वाचित पार्षदों के कार्यभार संभालने तक प्रशासक नियुक्त किया।

