अगरतला, 15 अगस्त (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शनिवार को कहा कि राज्य ने हाल के वर्षों में सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने कहा कि वर्षों में सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) दोगुना हो गया और लगभग 40 लाख लोगों के लिए आर्थिक अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर असम राइफल्स मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों और राष्ट्र निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने जनता से एक विकसित, शांतिपूर्ण, समावेशी और आत्मनिर्भर त्रिपुरा के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री साहा ने आगे कहा कि त्रिपुरा देश का एकमात्र राज्य है जहां राज्य प्रशासन के उच्चतम स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक ई-ऑफिस को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि अनुपालन में कमी और विनियमन में ढील देने के अभियान में राज्य लगातार दो वर्षों से राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान पर रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि हाल ही में आयोजित डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में राज्य ने प्रमुख क्षेत्रों में लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपए के संभावित निवेश से जुड़े 468 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि त्रिपुरा को पीएम-जनमान और धरती आबा जनभागीदारी अभियान के कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता भी मिली है।
उन्होंने आगे बताया कि नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार के तहत सेपाहिजाला जिले को देश की सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत का पुरस्कार मिला है, जबकि उनाकोटी की कंचनबारी ग्राम पंचायत को सर्वश्रेष्ठ स्वस्थ पंचायत के रूप में मान्यता दी गई है।
कृषि पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 26,800 से अधिक किसानों ने जैविक खेती अपनाई है और लगभग 23 लाख किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता मिली है, जबकि 56,600 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 438 करोड़ रुपए का ऋण प्रदान किया गया है।
राज्य सरकार ने पशुपालन और मत्स्य पालन को भी समर्थन दिया है, जिसमें 21,000 से अधिक पशुओं और 11 लाख मछली पालकों और मछली श्रमिकों के लिए बीमा कवरेज शामिल है।
मुख्यमंत्री साहा ने आगे कहा कि डुम्बुर जलाशय और सीतादरा झील में बड़े पैमाने पर पिंजरे में मछली पालन शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि माताबारी पर्यटन सर्किट के तहत प्रमुख स्थलों के विकास सहित पर्यटन अवसंरचना का विस्तार किया जा रहा है।

