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नोबेल शांति पुरस्कार न म‍िलने से नाराज ट्रंप, सम‍ित‍ि के फैसले को बताया ‘स्थायी दाग’

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वॉशिंगटन, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। नोबेल शांति पुरस्कार न म‍िलने से नाराज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुरस्कार समिति पर तीखा हमला क‍िया। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने आठ अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को खत्म करने में भूमिका निभाई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया गया। उन्होंने इस फैसले को शर्मनाक और अमेरिका के साथ अन्याय बताया।

शुक्रवार को न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज में आयोजित एक रिपब्लिकन चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उनके प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है और इसके लिए अमेरिका को सम्मान मिलना चाहिए था।

ट्रंप ने समर्थकों से कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका, जिसका प्रतिनिधित्व मैं राष्ट्रपति के रूप में कर रहा हूं, को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था, लेकिन नहीं मिला।”

उन्होंने कहा कि यह फैसला एक ‘स्थायी दाग’ की तरह है और आरोप लगाया कि नॉर्वे की नोबेल समिति ने पुरस्कार चयन में राजनीतिक सोच को हावी होने दिया। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने आठ संघर्षों को सुलझाने में योगदान दिया और रूस, यूक्रेन तथा ईरान से जुड़े मुद्दों पर भी समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मैंने आठ युद्ध समाप्त कराए हैं।” ट्रंप का दावा था कि जिन संघर्षों को उन्होंने सुलझाने में मदद की, उनमें से हर एक के लिए अलग से नोबेल शांति पुरस्कार दिया जा सकता था।

दक्षिण एशिया के अलावा ट्रंप ने कोसोवो-सरबिया, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य-रवांडा, आर्मेनिया-अजरबैजान, मिस्र-इथियोपिया और इजरायल-हमास के बीच विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों में उनके प्रयासों ने समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका और क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका को टालने में मदद की। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन अब रूस-यूक्रेन संघर्ष और ईरान से जुड़े तनाव को खत्म करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने तेहरान को एक बार फ‍िर चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को अमेरिका की शर्तों को मानना होगा, नहीं तो उसे आगे और परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने नोबेल समिति के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि 2026 का पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति के बारे में वह ज्यादा नहीं जानते। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति ने उन कूटनीतिक उपलब्धियों को नजरअंदाज कर दिया जिन्हें वह असाधारण मानते हैं।

ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र की भी आलोचना की और कहा कि जिन संघर्षों को सुलझाने का वह दावा करते हैं, उनमें संयुक्त राष्ट्र ने कोई खास मदद नहीं की।

ट्रंप का कहना था कि यह पुरस्कार किसी एक व्यक्ति के बजाय अमेरिका को मिलना चाहिए था, क्योंकि उनके प्रशासन के शांति प्रयास अमेरिकी जनता की ओर से किए गए थे।

उनकी यह टिप्पणी तीन नवंबर को होने वाले अमेरिकी संसदीय चुनावों से पहले रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान आई। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार की आर्थिक, आव्रजन और राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों का भी बचाव किया।

नोबेल शांति पुरस्कार नॉर्वे की संसद द्वारा नियुक्त पांच सदस्यीय स्वतंत्र नोबेल समिति की ओर से दिया जाता है। यह सम्मान उन व्यक्तियों और संगठनों को दिया जाता है जिन्होंने शांति, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संघर्षों के समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।