Thursday, May 28, 2026
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ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता, उसे ये बात अच्छी तरह समझ आ गई है : ट्रंप

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वॉशिंगटन, 18 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई इसलिए की, ताकि वह परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उनका दावा है कि इस कार्रवाई से ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुंचा है।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में सेंट पैट्रिक डे के मौके पर कहा, “ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता, और अब उसे यह बात अच्छी तरह समझ आ गई है।”

उन्होंने बताया कि अमेरिका ने यह कदम तब उठाया, जब उसे लगा कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब पहुंच गया है। ट्रंप ने कहा, “हमें लगा कि बहुत बुरे इरादे रखने वाले लोगों को रोकना जरूरी है। हम उन्हें परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दे सकते।”

ट्रंप ने इस कार्रवाई को हाल ही में उठाया गया एक मजबूत कदम बताया। उन्होंने कहा, “पिछले दो हफ्तों में हमने एक अहम कदम उठाया है और अब हम तय समय से आगे चल रहे हैं।”

उन्होंने दावा किया कि इस हमले से ईरान के नौसेना, वायुसेना, वायु रक्षा प्रणाली, रडार और नेतृत्व को भारी नुकसान हुआ है। ट्रंप ने कहा, “हमने उनकी नौसेना, वायुसेना, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम, रडार और उनके नेताओं को खत्म कर दिया।”

ट्रंप ने रणनीतिक बमवर्षक विमानों के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “अगर हमने बी-2 बमवर्षक नहीं भेजे होते, तो वे सफल हो जाते। हम ऐसा नहीं होने दे सकते थे।”

ट्रंप ने इस ऑपरेशन को प्रभावी बताया, लेकिन इसे जश्न मनाने लायक नहीं, बल्कि जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “सैन्य नजरिए से यह शानदार रहा है, लेकिन अफ़सोस की बात है कि यह कुछ ऐसा था जिसे करना ही था।” उन्होंने कहा, “हम इसे खुशी-खुशी नहीं करते।”

ट्रंप ने अमेरिकी सेना की तारीफ करते हुए कहा, “हमारी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है, और अब लोग इसे देख रहे हैं। मैं हमारे सैनिकों को अपना सम्मान और धन्यवाद देता हूं।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्रवाई के बाद ईरान की स्थिति बदल गई है। ट्रंप ने कहा, “हमने उन्हें पूरी तरह झटका दे दिया है।”

ये बयान उस समय आए, जब अमेरिका और आयरलैंड के संबंधों पर एक औपचारिक कार्यक्रम चल रहा था। ट्रंप ने कहा, “मैं पूरा दिन आयरिश नेताओं के साथ रहा, जबकि मुझे ईरान के मुद्दे पर भी ध्यान देना चाहिए था।”

इस कार्यक्रम में मौजूद आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकेल मार्टिन ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर सीधे कुछ नहीं कहा। हालांकि, उन्होंने शांति और बातचीत पर जोर दिया।

मार्टिन ने कहा, “संवाद, बातचीत और तनाव कम करना ही आगे बढ़ने का सही रास्ता है।” उन्होंने मध्य पूर्व और यूक्रेन में शांति की जरूरत भी बताई।

उन्होंने कहा, “दुनिया में संघर्षों के कारण बहुत लोग जान गंवा रहे हैं, इसलिए हमें बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रयास करने होंगे।”

ट्रंप के बयान से साफ है कि अमेरिका के लिए ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना एक बड़ी प्राथमिकता बना हुआ है, भले ही यह बात एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान कही गई हो।