चेन्नई, 20 जून (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (टीवीके) के सदस्यों की संख्या दो करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है। यह पार्टी के लॉन्च होने के दो साल से कुछ अधिक समय में संगठन की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। इस संबंध में पार्टी के सूत्रों ने शनिवार को जानकारी दी।
पार्टी पदाधिकारियों और समर्थकों ने सोशल मीडिया पर इस उपलब्धि का जश्न मनाया और इसे पूरे तमिलनाडु में लोगों के बीच टीवीके की बढ़ती स्वीकार्यता का प्रमाण बताया।
यह उपलब्धि पार्टी द्वारा 2026 के विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य में अपनी पहली सरकार बनाने के ठीक एक महीने बाद हासिल हुई है।
अभिनेता से राजनेता बने विजय द्वारा फरवरी 2024 में शुरू की गई टीवीके ने आक्रामक सदस्यता अभियान और जमीनी स्तर पर लोगों को जोड़ने के कार्यक्रमों के माध्यम से पूरे तमिलनाडु में अपनी संगठनात्मक उपस्थिति का तेजी से विस्तार किया।
पार्टी ने बूथ स्तर पर अपने ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया, साथ ही राज्यव्यापी समर्थन आधार बनाने के उद्देश्य से जिलेवार नामांकन अभियान, युवाओं तक पहुंचने की पहल और जन-संपर्क कार्यक्रम भी चलाए।
विधानसभा चुनावों से पहले सदस्यता अभियान ने जोर पकड़ा, जिसमें हजारों स्वयंसेवकों और स्थानीय आयोजकों को शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पार्टी की पहुंच बढ़ाने का काम सौंपा गया।
पार्टी नेताओं ने लगातार टीवीके को एक जन-केंद्रित आंदोलन के रूप में पेश किया है, जो राज्य के पारंपरिक राजनीतिक दलों के विकल्प प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
संगठन की इस तेजी से हुई वृद्धि का परिणाम 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में चुनावी सफलता के रूप में सामने आया। अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ते हुए, टीवीके राज्य में सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी, जिसने 108 सीटें जीतीं और 34.92 प्रतिशत वोट हासिल किए।
इस परिणाम ने तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दिया, क्योंकि विजय के नेतृत्व वाली पार्टी ने द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एआईएडीएमके) दोनों को हराया, जिससे इन दो प्रमुख द्रविड़ दलों का दशकों से चला आ रहा राजनीतिक वर्चस्व समाप्त हो गया।
विजय ने जीत के बाद 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और गठबंधन सहयोगियों के समर्थन से बनी सरकार का कार्यभार संभाला।
पार्टी नेताओं ने कहा कि दो करोड़ सदस्यों का आंकड़ा पार करना टीवीके के जमीनी नेटवर्क की मजबूती और एक शासक शक्ति के रूप में इसके उभरने से पैदा हुए उत्साह को दर्शाता है। उनका कहना है कि सदस्यों की बढ़ती संख्या से पार्टी को अपने संगठन को और मजबूत करने और पूरे तमिलनाडु में लोगों के साथ जुड़ाव बढ़ाने में मदद मिलेगी, क्योंकि वह राज्य की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।

