नेपाल में अमेरिकी राजनयिक माइक हार्कर ने फतह किया माउंट एवरेस्ट

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काठमांडू, 21 मई (आईएएनएस)। नेपाल में अमेरिकी दूतावास के पब्लिक अफेयर्स चीफ माइक हार्कर ने सफलतापूर्वक माउंट एवरेस्ट (सागरमाथा) की चोटी फतह कर ली है। वह इस सीजन में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचने वाले राजनयिक समुदाय के सबसे चर्चित पर्वतारोहियों में से एक बन गए हैं।

सेवन समिट ट्रेक्स के अनुसार, हार्कर बुधवार सुबह 9:15 बजे 8,848.86 मीटर ऊंचे पर्वत की चोटी पर पहुंचे। यह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर उनकी पहली सफल चढ़ाई थी।

यह उपलब्धि नेपाल के पहाड़ों और संस्कृति के साथ उनके कई वर्षों के जुड़ाव के बाद आई है। इससे पहले हार्कर लोबुचे ईस्ट (6,119 मीटर) पर चढ़ चुके हैं और अन्नपूर्णा सर्किट ट्रेक भी पूरा कर चुके हैं।

नेपाल के पर्वतारोहण समुदाय और उनके सहयोगियों ने इस सफलता पर हार्कर को बधाई दी। उनका कहना है कि यह नेपाल की प्राकृतिक धरोहर और पहाड़ी संस्कृति के प्रति उनके सम्मान और लगाव को दिखाता है।

सेवन समिट ट्रेक्स ने बधाई संदेश में कहा, “एवरेस्ट की चोटी पर खड़ा होना उनके लिए बेहद खास और भावुक पल रहा होगा, जहां पहाड़ों के प्रति उनका प्यार और इस पवित्र भूमि के प्रति सम्मान एक साथ नजर आया।”

एवरेस्ट अभियान के आयोजक सेवन समिट ट्रेक्स के निदेशक छंग दावा शेरपा ने भी सोशल मीडिया पोस्ट में हार्कर की ‘शांत दृढ़ता और पहाड़ों, नेपाल की संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रति गहरे सम्मान’ की तारीफ की।

पर्यटन विभाग के अनुसार, इस वसंत सीजन में अब तक 77 अमेरिकी नागरिकों को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने की अनुमति दी गई है।

पिछले कुछ वर्षों में राजनयिक अधिकारी, कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव और शौकिया पर्वतारोही भी गाइडेड अभियानों के जरिए दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इसी के साथ नेपाल का कमर्शियल माउंटेनियरिंग उद्योग भी तेजी से बढ़ रहा है।

नेपाल सरकार ने इस बार एवरेस्ट चढ़ाई के लिए 494 विदेशी पर्वतारोहियों को परमिट जारी किए हैं, जो वसंत सीजन का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अमेरिका और ईरान से जुड़े पश्चिम एशिया के तनाव के कारण उड़ानों में दिक्कतें आने और नेपाल में रॉयल्टी फीस बढ़ने के बावजूद, दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचने का आकर्षण अब भी लोगों को अपनी ओर खींच रहा है।

हार्कर की यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब नेपाल स्थित अमेरिकी दूतावास पर्वतीय पर्यटन के भविष्य को लेकर चर्चा में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहा है। इसी महीने दूतावास ‘असेंट समिट 2026’ आयोजित करने जा रहा है, जिसमें ‘एवरेस्ट पर्यटन का बदलता चेहरा’ विषय पर एक पैनल चर्चा भी होगी।