नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पॉपकॉर्न मक्का संकर बीज लॉन्च करने और किसानों को सम्मानित करने के लिए सोमवार को आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसुनुरु का दौरा करेंगे।
रविवार को उपराष्ट्रपति सचिवालय से जारी एक बयान में कहा गया, “अपनी यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति मुसुनुरु में ‘गॉरमेट पॉपकॉर्निका फैक्ट्री’ में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहां वे भारत के पहले नॉन-जीएमओ हाई-एक्सपेंशन पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज को लॉन्च करेंगे, किसानों को सम्मानित करेंगे और कृषि से जुड़े लोगों और अन्य प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे।”
इससे पहले पिछले सप्ताह, राधाकृष्णन ने उत्तराखंड का दौरा किया था और मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (लबासना) में युवा आईएएस अधिकारियों से कहा था कि लीडरशिप को ताकत से नहीं, बल्कि मुश्किल हालात में सही और नैतिक तरीके से काम करने की क्षमता से मापा जाता है।
चरित्र और ईमानदारी को जनसेवा की नींव बताते हुए उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों से कहा कि वे लोगों की जिंदगी बदलकर अपनी सेवा को सार्थक बनाएं।
‘विकसित भारत 2047’ की यात्रा का जिक्र करते हुए राधाकृष्णन ने अधिकारियों से कहा कि वे यह पक्का करें कि विकास आखिरी छोर तक पहुंचे, हर शिकायत सुनी जाए और हर नागरिक सशक्त बने।
उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे काम में तेजी, पारदर्शिता और नागरिकों तक सेवा पहुंचाने के तरीके को बेहतर बनाने के लिए नई तकनीकों, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन, को अपनाएं।
एक सरकारी बयान के मुताबिक, उन्होंने लगातार सीखते रहने, हालात के हिसाब से ढलने और भविष्य के लिए तैयार रहने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने युवा अधिकारियों से कहा कि वे अकेले या किसी खास ग्रुप की कामयाबी के बजाय पूरी टीम की कामयाबी के लिए कोशिश करें।
उन्होंने मिल-जुलकर काम करने वाली टीमें बनाने, साथियों का हौसला बढ़ाने और अपने से पहले के अधिकारियों द्वारा शुरू किए गए अच्छे कामों को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।
2024 बैच के आईएएस ट्रेनी अधिकारियों की दूसरे चरण की ट्रेनिंग पूरी होने पर बोलते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिविल सर्विस ने देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है और यह पॉलिसी और जमीनी स्तर पर उसे लागू करने के बीच एक अहम कड़ी बनी हुई है।

