Thursday, July 16, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति सहानुभूति और इंसानियत हमेशा राजनीतिक सीमाओं से ऊपर होनी चाहिए: वसुंधरा राजे

सहानुभूति और इंसानियत हमेशा राजनीतिक सीमाओं से ऊपर होनी चाहिए: वसुंधरा राजे

0
3

जयपुर, 15 जुलाई (आईएएनएस)। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बुधवार को कहा कि इंसानियत की भावना राजनीतिक मतभेदों से कहीं ज्यादा बड़ी है। उन्होंने एक घटना को याद करते हुए यह बात कही, जब वह पूर्व सांसद अबरार अहमद के निधन के बाद कांग्रेस कार्यालय गई थी।

राजे ने याद किया कि कई लोगों ने सवाल उठाया था कि क्या मुख्यमंत्री का विपक्षी पार्टी के दफ्तर जाना सही है, लेकिन उन्होंने जवाब दिया था कि सहानुभूति और इंसानियत हमेशा राजनीतिक सीमाओं से ऊपर होनी चाहिए।

जयपुर में राजस्थान विधानसभा के 75वें अमृत महोत्सव समारोह में बोलते हुए राजे ने उस दौर को याद किया जब वैचारिक मतभेदों के बावजूद आपसी सम्मान बना रहता था।

उन्होंने कहा कि जब भी गुलाब चंद कटारिया, राजेंद्र राठौड़, सीपी जोशी, प्रद्युमन सिंह, घनश्याम तिवारी, डॉ. नाथू सिंह गुर्जर और राजपाल शेखावत जैसे वरिष्ठ विधायक विधानसभा में बोलते थे तो सभी पार्टियों के सदस्य पूरी ध्यान से उनकी बात सुनते थे।

उन्होंने राव राजेंद्र सिंह, काली चरण सराफ और बी.डी. कल्ला की भी तारीफ की और उन्हें बेहतरीन सांसद बताया, जो अपनी अच्छी बातचीत की शैली और रचनात्मक बहस के लिए जाने जाते थे।

इतिहास का जिक्र करते हुए राजे ने पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत और हरिदेव जोशी के रिश्ते की तुलना सिकंदर और पोरस के रिश्ते से की। उन्होंने बताया कि पोरस को हराने के बाद भी सिकंदर ने उनके साथ एक राजा जैसा सम्मानजनक व्यवहार किया था।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पीवी नरसिम्हा राव ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को मानवाधिकार उल्लंघन के पाकिस्तान के आरोपों का जवाब देने के लिए जिनेवा में भारत का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे पता चलता है कि कैसे एक समय राष्ट्रीय हित को पार्टी की राजनीति से ऊपर रखा जाता था।

मौजूदा राजनीतिक माहौल पर चिंता जताते हुए राजे ने कहा कि आज की राजनीति में बदले की भावना ज्यादा हावी है और सार्वजनिक बातचीत का स्तर गिर गया है।

उन्होंने विधायकों से स्वस्थ बहस, आपसी सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों की परंपरा को फिर से शुरू करने का आग्रह किया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘एक राज्य, एक चुनाव’ पहल शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की भी तारीफ की।

अपने कार्यकाल को याद करते हुए उन्होंने कई अहम फैसलों का जिक्र किया, जैसे पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण, 24 घंटे घरेलू बिजली आपूर्ति, पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना, नदियों को जोड़ने की पहल और ‘सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार’ की शुरुआत।

उन्होंने कहा कि इन उपायों का मकसद शासन को मजबूत करना और राजस्थान के लोगों को सशक्त बनाना था।