नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी बयान के अनुसार, 98 वर्षीय वरिष्ठ नेता की सेहत में सुधार हुआ है, इसलिए उन्हें सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है।
अस्पताल ने प्रेस बयान में कहा कि आडवाणी को छाती में संक्रमण (चेस्ट इन्फेक्शन) के कारण 16 अक्टूबर को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था और राहत मिलने के बाद उन्हें छुट्टी दी जा रही है। वे न्यूरोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में थे और उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।
पूर्व उपप्रधानमंत्री को 16 अक्टूबर की शाम 7:30 बजे छाती में संक्रमण के चलते इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के पल्मोनरी (फेफड़ों से संबंधित) विभाग में भर्ती कराया गया था।
इससे पहले शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी अस्पताल में आडवाणी से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। ऐसा पहली बार नहीं है जब हाल के महीनों में इस वरिष्ठ नेता को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है।
इससे पहले, इस साल मई में भी उन्हें उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब वे कुछ दिनों तक डॉक्टरों की देखरेख में रहे और फिर उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।
इसके अलावा, दिसंबर 2024 में भी आडवाणी को इलाज और जांच के लिए इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था। उनका इलाज एक न्यूरोलॉजिस्ट की देखरेख में हुआ था।
8 नवंबर 1927 को कराची में जन्मे आडवाणी भाजपा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं। उन्होंने भाजपा को एक छोटी राजनीतिक ताकत से बड़े राष्ट्रीय राजनीतिक संगठन के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका निभाई।
आडवाणी कई बार भाजपा के अध्यक्ष रहे और उन्होंने पूरे देश में पार्टी के संगठनात्मक आधार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 1990 में उनकी देशव्यापी ‘राम रथ यात्रा’ भारतीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हुई, जिससे भाजपा की राजनीतिक पहुंच का विस्तार हुआ।
उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में 2002 से 2004 तक भारत के उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। अपने राजनीतिक करियर के दौरान, उन्होंने गृह मंत्रालय सहित कई महत्वपूर्ण विभागों (पोर्टफोलियो) की जिम्मेदारी भी संभाली। सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को देखते हुए, आडवाणी को 2024 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा गया।
इससे पहले, 2015 में उन्हें ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया था। आडवाणी भाजपा के एक वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी के राजनीतिक इतिहास का एक अहम हिस्सा रहे हैं।
