नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। वियतनाम के विदेश मंत्री ले होई ट्रुंग ने सोमवार को कहा कि शांति, स्थिरता और रणनीतिक स्वायत्तता की रक्षा करने तथा एक खुले और समावेशी क्षेत्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देने के मामले में वियतनाम और भारत के साझा रणनीतिक हित हैं।
वियतनाम के विदेश मंत्री ले होई ट्रुंग ने सोमवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय माहौल की बढ़ती जटिलताओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शांति, स्थिरता, रणनीतिक स्वायत्तता और एक खुले एवं समावेशी क्षेत्रीय ढांचे को बनाए रखने के मामले में भारत और वियतनाम के मजबूत साझा हित हैं।
उन्होंने कहा, “हम सभी जानते हैं कि आज अंतरराष्ट्रीय परिवेश लगातार अधिक जटिल होता जा रहा है। ऐसे समय में वियतनाम और भारत शांति, स्थिरता, रणनीतिक स्वायत्तता तथा एक खुले और समावेशी क्षेत्रीय ढांचे के संरक्षण में समान हित साझा करते हैं। दोनों देश अपने-अपने विकास के महत्वपूर्ण चरण से गुजर रहे हैं। वियतनाम 2045 के अपने विकास दृष्टिकोण और भारत ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है।”
उन्होंने कहा, “हमें पूरा विश्वास है कि हमारे द्विपक्षीय संबंध और सहयोग न केवल दोनों देशों के हित में हैं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर शांति, स्थिरता और सहयोग को भी मजबूत करेंगे।”
ट्रुंग ने नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी के लिए भारत को बधाई देते हुए कहा कि इस बैठक ने वैश्विक समुदाय के साझा उद्देश्यों में योगदान देने की ब्रिक्स की बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित किया है।
उन्होंने कहा, “भारत की भूमिका और प्रयासों के कारण यह शिखर सम्मेलन बेहद सफल रहा। विशेष रूप से इसका विस्तृत और सारगर्भित घोषणा-पत्र वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रमुख सिद्धांतों तथा शांति, सुरक्षा और विकास के लिए आवश्यक दिशानिर्देशों की पुनर्पुष्टि की गई है। साथ ही कई महत्वपूर्ण और ठोस पहलें भी सामने रखी गईं।”
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर नई दिल्ली में वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई वार्ता का उल्लेख करते हुए ट्रुंग ने कहा कि यह बातचीत “बेहद सार्थक और सौहार्दपूर्ण” रही तथा इससे दोनों नेताओं के बीच हुए समझौतों को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर भारत की जनता को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि हमारी यह बैठक सफल होगी और भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी और अधिक मजबूत होगी।”
